केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से दो दिन पहले इस्तीफा दे चुके संबलपुर के सांसद धर्मेंद्र प्रधान सोमवार को जब संसद सत्र में हिस्सा लेने के लिए संसद भवन पहुंचे तो परिसर में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सांसदों ने उनका जोरदार स्वागत किया। धर्मेंद्र प्रधान जिंदाबाद के नारे लगाते सांसद उन्हें कार से उतारकर संसद भवन के अंदर ले गए।
स्वागत में बिहार के भाजपा सांसद संजय जायसवाल और गोपालजी ठाकुर भी मौजूद थे। दरभंगा के सांसद ठाकुर ने मैथिल पाग पहनाकर धर्मेंद्र प्रधान का सम्मान किया। शनिवार को जब उन्होंने त्यागपत्र की घोषणा की थी, तब कई मंत्री और नेताओं ने पद छोड़ने का कदम उठाने को लेकर धर्मेंद्र प्रधान की तारीफ की थी। भाजपा इस्तीफे को छात्र आंदोलन से पैदा गतिरोध को खत्म करने के लिए प्रधान के त्याग की तरह पेश कर रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के अनुसार पेपर लीक रोकने के लिए कड़े कानून बनाने के उद्देश्य से लोकसभा में सरकार ने सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक पेश कर दिया है। नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी की लोकसभा में मौजूदगी के बीच प्रधानमंत्री कार्यालय के के राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने सदन में विधेयक को पेश किया। लेकिन इस पर अभी तक चर्चा शुरू हो नहीं पाई है। विपक्ष के सांसदों के दिए कई कार्य स्थगन प्रस्ताव को स्पीकर ने नामंजूर कर दिया था। पीठासीन अधिकारी दिलीप सैकिया द्वारा यह सूचना देने के बाद हंगामा शुरू हो गया।
विपक्ष दिल्ली और दूसरे राज्यों में पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के मुद्दे पर छात्र आंदोलन के दौरान उपद्रव के आरोप में मुकदमे और गिरफ्तारी के लिए पुलिस की जवाबदेही तय करने की मांग कर रहा है। इसको लेकर विपक्षी सांसदों के हंगामे को देखते हुए सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित है। बिहार में छात्र आंदोलन के दौरान हिंसा और तोड़फोड़ के लिए पुलिस ने अभियान छेड़ रखा है। अकेले पटना में ढ़ाई सौ से ज्यादा प्रदर्शनकारी गिरफ्तार कर जेल भेजे गए हैं, जिनमें राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू यादव के बडे़ बेटे और जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव भी शामिल हैं।
पटना के अलावा बिहार के कई जिलों में पुलिस ने प्रदर्शन की वीडियोग्राफी से तोड़फोड़ करने वालों की पहचान करके उनके फोटो जारी किए हैं और लोगों से उनके बारे में सूचना देने कहा है। जंतर-मंतर पर आंदोलन का नेतृत्व करने वाली कॉकरोच जनता पार्टी के नेता सौरव दास ने पुलिस की इस कार्रवाई को केंद्र सरकार से मिले भरोसे का उल्लंघन बताया है। आंदोलन खत्म होने के समय दावा किया गया था कि केंद्र सरकार ने दिल्ली और दूसरे राज्यों में आंदोलन में शामिल लोगों पर कानूनी कार्रवाई नहीं करने का आश्वासन दिया है।
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