Samastipur

पुलिस के नाक के नीचे चलता रहा सरकारी नौकरी के नाम पर बंधक बनाने का खेल; सिवान की एक युवती ने 9 महीने पूर्व SP को भी दी थी सूचना, बावजूद नहीं हो सकी कारवाई

समस्तीपुर : शहर के मुसापुर, धरमपुर और आसपास के इलाकों में सरकारी नौकरी के नाम पर बंधक बनाने के बड़े नेटवर्क के खुलासे के बाद अब कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि शहर के बीचोंबीच दर्जनों किराये के मकानों में वर्षों से दूसरे राज्यों के सैकड़ों युवक-युवतियों को रखकर ठगी और चेन मार्केटिंग का खेल चल रहा था, लेकिन इसकी भनक पुलिस को आखिर क्यों नहीं लगी।

स्थानीय लोगों के अनुसार मुसापुर धरमपुर, दुधपुरा समेत कई मोहल्लों में लंबे समय से बड़ी संख्या में युवक-युवतियां रह रहे थे। इनके आने-जाने, सामूहिक गतिविधियों और लगातार नए लोगों के पहुंचने की चर्चा भी आसपास के लोगों के बीच होती थी। इसके बावजूद किसी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। सिवान जिले की युवती आंचल कुमारी ने 15 सितंबर 2025 को एसपी कार्यालय पहुंचकर पूरे नेटवर्क की जानकारी एसपी अरविंद प्रताप सिंह दी थी। युवती स्वयं कभी इसी गिरोह के चंगुल में फंस चुकी थी।

किसी तरह वहां से निकलने के बाद उसने एसपी को बताया था कि समस्तीपुर में नौकरी के नाम पर युवाओं को फंसाकर रखा जा रहा है और इस नेटवर्क में 400 से 500 लोगों के शामिल होने की आशंका है। युवती ने कथित तौर पर गिरोह के संचालन के तरीके, लोगों को बुलाने की प्रक्रिया और उनके ठिकानों की भी जानकारी दी थी। इसके बावजूद अगले कई महीनों तक कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई। करीब नौ महीने बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से जुड़े सदस्यों के हस्तक्षेप और गुप्त जांच के बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।

आयोग से जुड़े सदस्य विकास सिंह ने खुद नौकरी के अभ्यर्थी बनकर गिरोह के ठिकानों की रेकी की। इसके बाद पुलिस और आयोग की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर 105 युवक-युवतियों व नाबालिगों को मुक्त कराया। अब सवाल उठ रहा है कि यदि आयोग की टीम को कुछ दिनों की जांच में इतने बड़े नेटवर्क का पता चल सकता है, तो स्थानीय स्तर पर पुलिस और खुफिया तंत्र को इसकी जानकारी पहले क्यों नहीं मिली।

मामले के सामने आने के बाद शहर में चर्चा है कि यदि सितंबर 2025 में मिली सूचना पर पुलिस गंभीरता से कार्रवाई करती तो संभव है कि सैकड़ों युवक-युवतियों को लंबे समय तक कथित शोषण और ठगी का शिकार नहीं होना पड़ता। इस संबंध में पूछे जाने पर एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने कहा कि पुलिस लगातार अपने स्तर पर काम कर रही थी। उन्होंने कहा कि किसी भी मामले में कानूनी कार्रवाई के लिए पर्याप्त सबूत और साक्ष्य आवश्यक होते हैं। समय आने पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की गई है और अब पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।

यहां देखें एसपी ने क्या कुछ कहा :

Avinash Roy

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