Samastipur

राष्ट्रीय रैंकिंग में चमका केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा, देश के Top-10 कृषि विश्वविद्यालयों में बनाई जगह

समस्तीपुर/पूसा : डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय (आरपीसीएयू), पूसा ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी उत्कृष्ट पहचान दर्ज कराई है। इंडियन इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (आईआईआरएफ) 2026 की रैंकिंग में विश्वविद्यालय ने देश के कृषि विश्वविद्यालयों में आठवां स्थान प्राप्त किया है। वहीं, सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों की श्रेणी में उसे 11वीं रैंक हासिल हुई है।

केंद्रीय विश्वविद्यालयों में मजबूत स्थिति

आईआईआरएफ की ताजा रैंकिंग में देश के प्रतिष्ठित केंद्रीय विश्वविद्यालयों के बीच पूसा विश्वविद्यालय ने अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। इस सूची में पहली रैंक जेएनयू, नई दिल्ली को मिली है, जिसका ओवरऑल स्कोर 987.50 रहा। वहीं, डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय को 971.59 अंक प्राप्त हुए हैं। दूसरे स्थान पर दिल्ली विश्वविद्यालय रहा, जिसका स्कोर 985.74 अंक दर्ज किया गया।

तीन वर्षों से लगातार बेहतर प्रदर्शन

विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. पी.एस. पांडेय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय पिछले तीन वर्षों से राष्ट्रीय रैंकिंग में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय के शिक्षकों, वैज्ञानिकों, अधिकारियों, कर्मचारियों और संविदाकर्मियों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है।

सामूहिक प्रयास से मिली सफलता

कुलपति ने कहा कि जब किसी संस्थान का लक्ष्य स्पष्ट होता है और उसे हासिल करने के लिए सभी लोग एकजुट होकर कार्य करते हैं, तो सफलता निश्चित रूप से मिलती है। उन्होंने विश्वविद्यालय परिवार के सभी सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि टीमवर्क और समर्पण की मिसाल है।

अब अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग पर नजर

डॉ. पांडेय ने कहा कि विश्वविद्यालय का अगला लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय स्तर की रैंकिंग में बेहतर स्थान हासिल करना है। इसके लिए रणनीति तैयार की जा चुकी है और सभी स्तरों पर गंभीरता से काम किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में विश्वविद्यालय विश्व स्तर पर भी उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करेगा।

शिक्षा और अनुसंधान में हुआ सुधार

विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. पी.के. प्रणव ने कहा कि पारदर्शी और ईमानदार नेतृत्व के कारण संस्थान में सकारात्मक कार्य संस्कृति विकसित हुई है। वहीं, निदेशक शिक्षा डॉ. उमाकांत बेहरा ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में शिक्षा, अनुसंधान और प्रसार गतिविधियों के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। इसका सीधा लाभ छात्रों के प्रदर्शन और शोध की गुणवत्ता में दिखाई दे रहा है।

नेतृत्व से मिल रही प्रेरणा

एग्री-बिजनेस एंड रूरल मैनेजमेंट के निदेशक डॉ. रामदत्त ने कहा कि कुलपति का नेतृत्व विश्वविद्यालय परिवार को एकजुट होकर काम करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इसी टीम भावना और समर्पण के बल पर विश्वविद्यालय भविष्य में राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी नई पहचान स्थापित करेगा।

Avinash Roy

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