समस्तीपुर : समस्तीपुर के वीमेंस कॉलेज में सोमवार को राजनीति विज्ञान विभाग के तत्वावधान में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के उपलक्ष्य में एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. आदित्य चंद्र झा ने की। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुई। इसके बाद प्रधानाचार्य डॉ. झा ने अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर का जीवन संघर्ष, समर्पण और दृढ़ संकल्प का अद्भुत उदाहरण है। उन्होंने न केवल भारतीय संविधान के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, बल्कि समाज में व्याप्त असमानता, छुआछूत और भेदभाव के खिलाफ आजीवन संघर्ष किया। उन्होंने शिक्षा को सामाजिक समानता और न्याय स्थापित करने का सबसे सशक्त माध्यम बताया।
राजनीति विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. मधुलिका मिश्रा ने कहा कि डॉ. अंबेडकर बीसवीं सदी के महानतम व्यक्तित्वों में से एक थे। उन्होंने दलितों, महिलाओं और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष करते हुए सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन की मजबूत नींव रखी। उन्होंने कहा कि इतिहास में कई लोगों ने अपनी छाप छोड़ी है, लेकिन बहुत कम लोग ऐसे होते हैं जो इतिहास का निर्माण करते हैं अंबेडकर उन्हीं में से एक थे।
डॉ. सोनी सलोनी ने कहा कि अंबेडकर के विचारों के प्रभाव से हिंदी साहित्य में उन वर्गों की आवाज को स्थान मिला, जिन्हें लंबे समय तक उपेक्षित रखा गया था। डॉ. सुरेश साह (मीडिया प्रभारी) ने उनके जीवन से प्रेरणा लेते हुए शिक्षा, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी को अपनाने की अपील की। उन्होंने अंबेडकर को महान सामाजिक दार्शनिक और दूरदर्शी बताया।
डॉ. नेहा जायसवाल ने कहा कि एक व्यक्ति अपने विचारों और कर्मों से पूरे राष्ट्र की दिशा बदल सकता है और वर्तमान समय में उनके आदर्शों को अपनाना ही सच्ची श्रद्धांजलि है। वहीं डॉ. प्रणब ने अंबेडकर के संदेश “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो” को आज के युवाओं के लिए मार्गदर्शक बताया।
डॉ. विजय गुप्ता ने कहा कि अंबेडकर समावेशी अर्थव्यवस्था के समर्थक थे, जिसमें समाज के हर वर्ग को समान अवसर मिले। कार्यक्रम के दौरान 10 अप्रैल को आयोजित निबंध लेखन प्रतियोगिता के विजेताओं को भी पुरस्कृत किया गया। इसमें निधि ने प्रथम, कुमारी रूपा एवं प्रेम कुमारी ने द्वितीय तथा उदिता, प्रज्ञा पुष्प और वसुंधरा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
कार्यक्रम के अंत में प्रो. फरहत जबीन ने अंबेडकर के जीवन पर प्रकाश डालते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया। मंच संचालन वैष्णवी ने किया। इस अवसर पर कॉलेज की कई शिक्षिकाएं एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं, जिनमें निधि, प्रिया, सादिया, शीला, कोमल, आशिका, ज्योति, राधा, वैष्णवी, उदिता, गुड़िया, नमिता, नौसी, शहरीन, शांभवी, प्रज्ञा और प्रेमा सहित अन्य शामिल थीं।
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