सप्तक्रांति का दरभंगा तक होगा विस्तार! फिजिबिलिटी रिपोर्ट से जुड़ा पत्र वायरल होने के बाद चर्चाएं तेज, सांसद शांभवी ने समस्तीपुर या दरभंगा तक विस्तार का उठाया था मुद्दा

मुजफ्फरपुर-आनंद विहार सप्तक्रांति एक्सप्रेस के दरभंगा तक विस्तार को लेकर एक बार फिर चर्चाएं तेज हो गई हैं। बुधवार को इस संबंध में एक कथित पत्र वायरल होने के बाद यात्रियों के बीच उत्सुकता बढ़ गई है। पत्र में ट्रेन के विस्तार के लिए फीजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश का जिक्र किया गया है, जिससे कयासों को बल मिला है।
रेलवे ने आदेश से किया इनकार
हालांकि, समस्तीपुर रेल मंडल के जनसंपर्क पदाधिकारी आर. के. सिंह ने इस तरह के किसी भी आधिकारिक पत्र की प्राप्ति से इनकार किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल रेलवे की ओर से कोई औपचारिक निर्देश जारी नहीं हुआ है।

सांसद द्वारा मुद्दा उठने से बढ़ी चर्चा
इधर, सांसद शांभवी चौधरी द्वारा संसद में रेल मंत्री के समक्ष सप्तक्रांति एक्सप्रेस के समस्तीपुर या दरभंगा तक विस्तार का मुद्दा उठाए जाने के बाद यह विषय और चर्चा में आ गया है।
वायरल पत्र में क्या है उल्लेख?
वायरल पत्र के अनुसार, पूर्व मध्य रेलवे हाजीपुर मुख्यालय ने 12557/12558 सप्तक्रांति एक्सप्रेस को दरभंगा तक बढ़ाने की संभावना पर विचार शुरू किया है। इसमें रेलवे बोर्ड द्वारा फीजिबिलिटी और टाइमिंग रिपोर्ट मांगे जाने की बात कही गई है।


तकनीकी पहलुओं पर अंतिम निर्णय
पत्र में संबंधित अधिकारियों को ट्रेन के विस्तार से जुड़े संचालन, समय सारिणी और अन्य तकनीकी पहलुओं का आकलन कर जल्द रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है।

मिथिलांचल को हो सकता लाभ
अगर ट्रेन का विस्तार दरभंगा तक होता है, तो मिथिलांचल क्षेत्र के यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्हें लंबी दूरी की यात्रा के लिए बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकेगी।
चंपारण क्षेत्र में विरोध के स्वर
वहीं, इस प्रस्ताव को लेकर चंपारण क्षेत्र में विरोध भी सामने आ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले से ही ट्रेनों के विकल्प सीमित हैं, ऐसे में इस तरह के बदलाव से उनकी सुविधाएं प्रभावित हो सकती हैं।

2002 में सप्तक्रांति की शुरुआत
सप्तक्रांति एक्सप्रेस उत्तर बिहार की सबसे प्रतिष्ठित ट्रेनों में गिनी जाती है। इसकी शुरुआत 1 जुलाई 2002 को तत्कालीन रेल मंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल में हुई थी। शुरू में इसे मुजफ्फरपुर जंक्शन से आनंद विहार टर्मिनल (दिल्ली) के बीच चलाया गया, ताकि चंपारण और मुजफ्फरपुर क्षेत्र को राजधानी से सीधा कनेक्शन मिल सके।
वर्तमान स्थिति और विस्तार पर विवाद
वर्तमान में यह ट्रेन मुजफ्फरपुर से आनंद विहार के बीच ही संचालित होती है और कम स्टॉपेज व तेज रफ्तार के लिए जानी जाती है। समय-समय पर इसे दरभंगा तक बढ़ाने की चर्चा होती रही है। हाल के प्रस्ताव के बाद इस मुद्दे ने फिर जोर पकड़ा है।

विरोध के मुख्य कारण
कोटा पर असर : मुजफ्फरपुर से ट्रेन शुरू होने के कारण यहां के यात्रियों को सीट आसानी से मिलती है। विस्तार होने पर दरभंगा से ही सीटें भरने की आशंका है।
समय पालन की चिंता : लंबा रूट होने से ट्रेन की समयबद्धता प्रभावित होने का डर जताया जा रहा है।
मुजफ्फरपुर से दिल्ली रूट की प्रमुख ट्रेनें
इस रूट (मोतिहारी, बगहा होते हुए) पर बहुत कम विकल्प:
- सप्तक्रांति सुपरफास्ट एक्सप्रेस (12557)
- पोरबंदर एक्सप्रेस (19270)
- मुजफ्फरपुर आनंद विहार गरीब रथ (12211)
- चंपारण सत्याग्रह एक्सप्रेस (14009)

दरभंगा से दिल्ली के लिए उपलब्ध विकल्प :
- बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस (12565)
- दरभंगा नई दिल्ली क्लोन स्पेशल (02569)
- स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस (12561)
- शहीद एक्सप्रेस (14673)
- सरयू यमुना एक्सप्रेस (14649)
- अमृत भारत एक्सप्रेस (15557)



