हसनपुर में भूमि विवाद को लेकर 50 वर्षीय बुजुर्ग की पीट-पीटकर ह’त्या, महिला समेत आधा दर्जन घायल, दो पक्षों के बीच झोपड़ी निर्माण को लेकर भड़का विवाद

समस्तीपुर/हसनपुर : समस्तीपुर जिले के बिथान थाना क्षेत्र के मोरकाही गांव में बुधवार को आपसी भूमि विवाद ने खूनी रूप ले लिया। दो गोतिया पक्षों के बीच झोपड़ी निर्माण को लेकर शुरू हुआ विवाद हिंसक झड़प में बदल गया, जिसमें लाठी-डंडे से हुई मारपीट में एक 50 वर्षीय व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। वहीं इस घटना में एक महिला समेत आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। मृतक की पहचान मोरकाही गांव निवासी अल्ली जान के करीब 50 वर्षीय पुत्र मो. रज्जाक के रूप में की गई है।
बताया जाता है कि बुधवार को पड़ोसी के साथ झोपड़ी बनाने को लेकर कहासुनी शुरू हुई थी। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट होने लगी। इसी दौरान मो. रज्जाक के सिर पर गंभीर चोट लग गई, जिससे वह बुरी तरह जख्मी हो गए। घटना के बाद परिजनों ने उन्हें आनन-फानन में इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हसनपुर पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए बेगूसराय रेफर कर दिया। लेकिन बेगूसराय ले जाने के दौरान रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।


मारपीट की इस घटना में एक महिला सहित आधा दर्जन से अधिक लोगों के घायल होने की भी जानकारी मिली है। सभी घायलों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में कराया जा रहा है। इधर घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने शव को लेकर मेदो चौक के पास हसनपुर-बिथान मुख्य सड़क को बांस-बल्ला लगाकर जाम कर दिया। सड़क जाम होने से राहगीरों को घंटों परेशानियों का सामना करना पड़ा। बाद में प्रशासन एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों के समझाने-बुझाने के बाद जाम समाप्त कराया गया।

वहीं घटना की सूचना मिलते ही हसनपुर थानाध्यक्ष अकमल खुर्शीद एवं बिथान थानाध्यक्ष प्रकाश चंद्र राजू पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। जांच के दौरान घटनास्थल हसनपुर थाना क्षेत्र में पाया गया। हसनपुर थानाध्यक्ष अकमल खुर्शीद ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल समस्तीपुर भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि अभी तक मृतक के परिजनों की ओर से लिखित आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। आवेदन मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं दूसरी तरफ घटना के बाद गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि एहतियात के तौर पर गांव में पुलिस की नजर बनी हुई है और स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है।





