पूर्व मध्य रेल मुख्यालय, हाजीपुर द्वारा जारी वाणिज्यिक अधिसूचना के अनुसार समस्तीपुर मंडल के छह महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों के नाम के साथ अब आधिकारिक रूप से “जंक्शन” शब्द जोड़ दिया गया है। यह निर्णय मंडल की अनुशंसा के आधार पर सक्षम प्राधिकारी द्वारा स्वीकृत किया गया है। यह परिवर्तन 15 मार्च 2026 से प्रभावी होगा।
इस निर्णय के तहत हसनपुर रोड हुआ हसनपुर रोड जंक्शन, सीतामढ़ी हुआ सीतामढ़ी जंक्शन, सरायगढ़ हुआ सरायगढ़ जंक्शन, सुपौल हुआ सुपौल जंक्शन, ककरघट्टी हुआ ककरघट्टी जंक्शन, शीशो का नाम हुआ शीशो जंक्शन। रेल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इन स्टेशनों के अल्फाबेटिकल कोड और न्यूमिरिकल कोड में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने सिस्टम, माड्यूल, टिकटिंग, वाणिज्यिक तथा परिचालन रिकार्ड में इन संशोधित नामों को अद्यतन करें।
परिचालन स्पष्टता में वृद्धि : “जंक्शन” शब्द यह स्पष्ट करता है कि यह स्टेशन एक से अधिक रेलमार्गों का संगम है, जिससे यात्रियों और रेल संचालन दोनों के लिए स्टेशन की पहचान अधिक स्पष्ट होती है।
यात्रियों को बेहतर जानकारी : दूर-दराज से आने वाले यात्रियों को यह समझने में आसानी होगी कि संबंधित स्टेशन से विभिन्न दिशाओं में रेल संपर्क उपलब्ध है।
रेलवे नेटवर्क की पहचान मजबूत : इससे समस्तीपुर मंडल के महत्वपूर्ण स्टेशनों की पहचान राष्ट्रीय रेलवे नेटवर्क में अधिक सुदृढ़ होगी।
माल एवं यात्री परिवहन को बढ़ावा : जंक्शन के रूप में पहचान मिलने से भविष्य में इन स्टेशनों पर माल ढुलाई, कनेक्टिविटी तथा यात्री सुविधाओं के विस्तार की संभावनाएं और मजबूत होंगी।
डिजिटल एवं वाणिज्यिक प्रणाली में एकरूपता : रेलवे की विभिन्न डिजिटल प्रणालियों, टिकटिंग प्लेटफार्म और वाणिज्यिक रिकार्ड में स्टेशनों की सही और एकरूप पहचान सुनिश्चित होगी।
समस्तीपुर : सदर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) दिलीप कुमार के निर्देश पर शुक्रवार को शहर के…
समस्तीपुर : जन-समस्याओं के त्वरित समाधान एवं प्रशासन की जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से…
समस्तीपुर : नगर निगम समस्तीपुर में वित्तीय वर्ष 2026-27 का मेयर अनिता राम की अध्यक्षता…
ईरान-इजरायल-अमेरिका वॉर का असर भारत पर पड़ रहा. एलपीजी सिलेंडर क्राइसिस के कारण लोगों के…
राजधानी पटना में रसोई गैस के अवैध उठाव का एक हैरान करने वाला मामला सामने…
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को उस जनहित याचिका (PIL) पर विचार करने से साफ इनकार…