समस्तीपुर : विशेषज्ञ करेंगे सुदूर गांवों में पैथोलॉजी जांच, ‘मेडप्राइम’ के जरिए पैथोलॉजिस्टों का कार्य आसान
समस्तीपुर/पूसा : कृषि शोध और शिक्षा की जननी पूसा अब केवल वैज्ञानिकों का गढ़ ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर की स्वास्थ्य तकनीक का केंद्र भी बन रहा है। डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा के ईख अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. देवेन्द्र सिंह के पुत्र सम्राट ने अपनी कार्यकुशलता से इसे प्रमाणित किया है। सम्राट ने अपनी तकनीक ‘मेडप्राइम’ के जरिए देश के पैथोलॉजिस्टों के कार्य को न केवल आसान बना दिया है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी विशेषज्ञ जांच की राह खोल दी है।
सम्राट ने बताया कि भारत की 1.4 अरब की आबादी पर 10,000 से भी कम एमडी पैथोलॉजिस्ट उपलब्ध हैं। उनकी कंपनी मेडप्राइम टेक्नोलॉजीज द्वारा विकसित तकनीक से बड़े शहरों में बैठे विशेषज्ञ ग्रामीण क्लीनिकों के नमूनों की वास्तविक समय (रियल टाइम) में जांच कर सकेंगे। होल स्लाइड इमेजिंग और रोबोटिक रिमोट कंट्रोल के माध्यम से, विशेषज्ञ दूरदराज के गांवों की स्लाइड को तुरंत देख सकते हैं। यह तकनीक उन गंभीर मामलों में जीवनरक्षक साबित हो रही है, जहां हर मिनट कीमती होता है।

