समस्तीपुर कलेक्ट्रेट सभागार में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की समन्वय समिति की बैठक सम्पन्न

समस्तीपुर : जिलाधिकारी-सह- अध्यक्ष जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, समस्तीपुर की अध्यक्षता में मंगलवार को समाहरणालय सभाकक्ष में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से संबंधित समन्वय समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम (सुरक्षित शनिवार) के अंतर्गत जिले में संचालित गतिविधियों की गहन समीक्षा की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत सुरक्षित शनिवार की गतिविधियों को प्रभावी ढंग से लागू करने हेतु सर्वप्रथम जिला स्तरीय अनुश्रवण समिति का गठन सुनिश्चित किया जाए।
इसके उपरांत जिले के प्रत्येक विद्यालय में विद्यालय आपदा प्रबंधन समिति का शत-प्रतिशत गठन किया जाए। डीएम ने यह भी निर्देश दिया कि प्रत्येक विद्यालय में दो-दो नोडल शिक्षक नामित किए जाएं एवं उनका शत प्रतिशत प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जाए. और सभी विद्यालयों में विद्यालय आपदा प्रबंधन योजना (School Disaster Management Plan) का निर्माण अनिवार्य रूप से कराया जाए।

वहीं उप विकास आयुक्त सूर्य प्रताप सिंह ने निर्देशित किया कि अनुमंडल-वार नोडल शिक्षकों की पहचान कर उनके प्रशिक्षण कार्य को शीघ्र प्रारंभ किया जाए, ताकि जिले के प्रत्येक विद्यालय में सुरक्षित शनिवार की गतिविधियां शत-प्रतिशत प्रारंभ की जा सकें। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कार्यक्रम से संबंधित प्रतिवेदन को ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य है।
बैठक के दौरान आपदा जोखिम न्यूनीकरण विशेषज्ञ, यूनिसेफ राजीव कुमार, डॉ. पल्लव कुमार एवं वरीय सलाहकार, बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण अशोक कुमार शर्मा व राज्य मास्टर ट्रेनर सुभीत कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से जिलाधिकारी के समक्ष जिले में मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम की अब तक की प्रगति पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। इसके अतिरिक्त जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (लेखा-योजना), शिक्षा विभाग, प्रेम शंकर झा व समन्वयक हरिश्चंद्र राम ने जिले में संचालित विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम एवं सुरक्षित शनिवार की गतिविधियों पर विस्तारपूर्वक चर्चा करते हुए अब तक की उपलब्धियों एवं आगे की कार्ययोजना से अवगत कराया।

साथ ही उन्होंने एसडीआरएफ एवं अग्निशमन पदाधिकारी को निर्देश दिया कि ज्यादा से ज्यादा से स्कूलों में भूकंप, अगलगी और बाढ़ से संबंधित मॉक ड्रिल नियमित रूप से कराए। बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए कार्यक्रम को समयबद्ध, प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से लागू करने का निर्देश दिया, ताकि विद्यालयों को आपदा-सुरक्षित बनाया जा सके और विद्यार्थियों में आपदा के प्रति जागरूकता विकसित हो। मौके पर सिविल सर्जन डॉ राजीव कुमार, एडीएमओ अनुष्का श्रीवास्तव, जिला अग्निशमन पदाधिकारी हर्षवर्धन, टीम कमांडर एसडीआरएफ राकेश रमन सहित कई संबंधित पदाधिकारी व कर्मी मौजूद थे।





