पटना से अपहृत डॉक्टर को पुलिस ने समस्तीपुर से 24 घंटे में किया बरामद, 70 लाख की फिरौती मांगने वाले तीन बदमाश भी गिरफ्तार

राजधानी पटना के जानीपुर थाना क्षेत्र में डॉक्टर के अपहरण मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। अज्ञात अपराधियों ने डॉक्टर सर्वेश कुमार तिवारी का अपहरण कर लिया और उनके परिजनों से 70 लाख रुपये की फिरौती मांगी। डॉ. तिवारी पटना के राजीव नगर थाना क्षेत्र के निवासी हैं और नर्सिंग एवं पैरा मेडिकल कॉलेज से जुड़े हुए हैं। मामले की सूचना मिलते ही पटना पुलिस व एसटीएफ ने फौरन सक्रियता दिखाई। पटना नगर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) भानु प्रताप सिंह के निर्देशन में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी फुलवारीशरीफ-02 और थानाध्यक्ष जानीपुर के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया।
टीम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी और वैज्ञानिक जांच शुरू की और संदिग्ध ठिकानों पर लगातार छापेमारी की। जांच के दौरान पुलिस को तकनीकी सर्विलांस, मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग और स्थानीय सूचनाओं से महत्वपूर्ण सुराग मिले। इनके आधार पर टीम ने समस्तीपुर जिले के वारिसनगर थाना क्षेत्र में छापेमारी की। यहां मखदुमपुर स्थित एक ठिकाने पर छापा मारकर अपहृत डॉक्टर को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। अपहरण के बाद अपराधियों ने उन्हें यहीं छिपाकर रखा था। पूरी कार्रवाई मात्र 24 घंटे के भीतर सफल रही।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने अपहरण में शामिल तीन अभियुक्तों को दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रविंद्र प्रसाद, राकेश कुमार और मनीष कुमार के रूप में हुई है। ये तीनों समस्तीपुर जिले के वारिसनगर थाना क्षेत्र के निवासी हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की, जिसकी जांच जारी है।
इस संबंध में पश्चिमी पटना के पुलिस अधीक्षक भानु प्रताप सिंह ने बताया कि इस ऑपरेशन में तकनीकी सर्विलांस और समन्वित कार्रवाई का बड़ा योगदान रहा। अपहृत को सुरक्षित छुड़ाने में टीम की त्वरित प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण साबित हुई। उन्होंने कहा कि मामले में शामिल अन्य संभावित आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही आगे की गिरफ्तारियां हो सकती हैं। गिरफ्तार तीनों अभियुक्तों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अपहरण के पूरे नेटवर्क और साजिश की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है। जांच से पता चला है कि अपहरण फिरौती के उद्देश्य से किया गया था और इसमें पूर्व नियोजित योजना शामिल थी।





