समस्तीपुर Town

नजर हर खबर पर…

SamastipurNEWS

बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में फर्जीवाड़े की आशंका, निजी संस्थानों की होगी भौतिक जांच

IMG 20260121 WA0021

समस्तीपुर : बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम द्वारा संचालित बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में बड़ी गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। राज्य परियोजना प्रबंधन इकाई के प्रभारी पदाधिकारी नसीम अहमद ने पटना, वैशाली, मुजफ्फरपुर, मधुबनी, रोहतास और औरंगाबाद के जिला शिक्षा पदाधिकारियों को पत्र लिखकर निजी संस्थानों के भौतिक सत्यापन और स्थलीय जांच के निर्देश दिए हैं। इन संस्थानों में जिले के भी छात्र छात्राएं है जो नामांकन लेने के उपरांत योजना के तहत आवेदन दे रखा है।

लक्ष्य से अधिक आवेदन और संदिग्ध बोनाफाइड :

​विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, शैक्षणिक सत्र 2025-26 में 27 जनवरी 2026 तक वार्षिक लक्ष्य 95,220 के विरुद्ध 1,15,423 (121%) आवेदन प्राप्त हुए हैं। आवेदनों में इस अप्रत्याशित वृद्धि और संस्थानों द्वारा निर्धारित पोर्टल पर डेटा अपलोड न करने की स्थिति ने विभाग के कान खड़े कर दिए हैं। विभाग को सूचना मिली है कि कई निजी संस्थानों ने अपनी निर्धारित क्षमता से अधिक बोनाफाइड सर्टिफिकेट जारी कर दिए हैं। साथ ही पिछले वर्षों की तुलना में इस वर्ष आवेदनों की संख्या में भारी उछाल देखा गया है। कई संस्थान विभाग द्वारा बनाए गए नए पोर्टल bsccbihar-iiqa.bihar.gov.in पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने और डेटा अपलोड करने में कोताही बरत रहे हैं।

IMG 20260121 WA0006

paid hero ad 20250215 123933 1 scaled

विशेष समिति करेगी औचक निरीक्षण :

​स्थलीय जांच के लिए जिला स्तर पर एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है. इस समिति की अध्यक्षता जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (योजना एवं लेखा-सह-नोडल पदाधिकारी) करेंगे। समिति में जिला निबंधन सह परामर्श केंद्र के प्रबंधक और बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के सहायक प्रबंधक को सदस्य बनाया गया है। संचिका को डीएम के पास भेजा गया है ताकि समिति का गठन कर आगे कार्रवाई की जा सके। समिति को एक पक्ष के अंदर जांच कर जारी फार्मेट में रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा गया है। जारी चेक लिस्ट के मुताबिक जांच पड़ताल की जानी है।

IMG 20240904 WA0139

नैक की तर्ज पर होगी मॉनिटरिंग :

​शिक्षा विभाग अब निजी संस्थानों की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए नैक की तर्ज पर निर्मित विभागीय वेबसाइट के जरिए निगरानी कर रहा है। जिन संस्थानों में पिछले वर्ष की तुलना में भारी विसंगतियां दिख रही हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर जांच के दायरे में रखा गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच में गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित संस्थानों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और योजना के तहत मिलने वाली राशि पर रोक लगाई जा सकती है।

FB ADD scaled

इन संस्थानों की होगी जांच :

श्री उमेश मिश्रा रंजीत कुमार प्रकाश कॉलेज वैशाली, इंदु देवी रंजीत कुमार प्रकाश प्रोफेशनल कॉलेज वैशाली, डॉ. रंजीत कुमार प्रकाश कॉलेज वैशाली, मगध प्रोफेशनल इंस्टीट्यूट पटना, संदीप यूनिवर्सिटी मधुबनी, एमपीएस कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन मुजफ्फरपुर, गोपाल नारायण सिंह यूनिवर्सिटी रोहतास, ऑक्सफोर्ड कॉलेज ऑफ रिसर्च एंड मैनेजमेंट पटना, सत्ययुग इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, औरंगाबाद, चैतन्य कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी पटना, आरएस विद्यापीठ पटना, ए.बी.सी. कॉलेज ऑफ एजुकेशन पटना शिवी कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन मुजफ्फरपुर, नोवा मैनेजमेंट कॉलेज पटना, हिमालय कॉलेज ऑफ प्रोफेशनल एजुकेशन, पालीगंज।

IMG 20250204 WA0010

बयान :

“नामांकन में विसंगतियां पाए जाने वाले संस्थानों की पहचान कर ली गई है. समिति इन संस्थानों के बुनियादी ढांचे, नामांकित छात्रों की वास्तविक संख्या और दस्तावेजों की सत्यता की जांच करेगी।

प्रेम शंकर झा, (योजना एवं लेखा-सह-नोडल पदाधिकारी) समस्तीपुर

IMG 20250821 WA0010

file 00000000201c7207a5243d349b920613

IMG 20241218 WA0041

20201015 075150