समस्तीपुर Town

नजर हर खबर पर…

SamastipurNEWS

समस्तीपुर पुलिस ने इंस्टाग्राम चैट को बनायी सुराग की डोर; बंगाल-सिक्किम सीमा पर घर से भागे नाबालिग को सकुशल किया बरामद, माता-पिता की डांट से रूठकर छोड़ा था घर

IMG 20250923 WA0025

समस्तीपुर : कभी-कभी बच्चों की मासूम नाराजगी उन्हें ऐसे सफर पर ले जाती है, जहां न मंजिल का पता होता है और न ही खतरे का अंदाजा। नगर थाना क्षेत्र से 9 दिसंबर को लापता हुए एक 12 वर्षीय नाबालिग बच्चे की कहानी भी कुछ ऐसी ही रही, हालांकि समस्तीपुर पुलिस की सतर्कता और तकनीकी सूझ-बूझ के कारण बच्चा सकुशल बरामद कर लिया गया। घर से भागने के करीब एक महीने बाद पुलिस ने उसे पश्चिम बंगाल – सिक्किम सीमा क्षेत्र के कालिंपोंग से सकुशल बरामद कर लिया।

पुलिस को बच्चे का सुराग किसी फोन कॉल से नहीं, बल्कि इंस्टाग्राम चैट के जरिए मिला। नाबालिग का मोबाइल नंबर बंद था, लेकिन वह सोशल मीडिया पर दोस्तों से लगातार संपर्क में था। जैसे ही यह जानकारी पुलिस तक पहुंची, नगर थाना की टीम ने सोशल मीडिया गतिविधियों को आधार बनाकर तकनीकी अनुसंधान शुरू किया। डिजिटल लोकेशन ट्रेस होते ही उसकी मौजूदगी पश्चिम बंगाल के कालिंपोंग क्षेत्र में मिली।

IMG 20251220 WA0094

paid hero ad 20250215 123933 1 scaled

लोकेशन की पुष्टि के बाद थानाध्यक्ष अजीत कुमार के निर्देश पर दरोगा पम्मी तिवारी समेत तीन पुलिसकर्मियों की टीम को कालिंपोंग रवाना किया गया। कड़ी मेहनत और स्थानीय स्तर पर छानबीन के बाद पुलिस ने पश्चिम बंगाल और सिक्किम के सीमा क्षेत्र में एक होटल से नाबालिग को सकुशल बरामद कर लिया। इसके बाद उसे सुरक्षित समस्तीपुर लाया गया और सीजेएम-2 के न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद बच्चे को परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया।

बताया गया है कि नगर थाना क्षेत्र के काशीपुर कचहरी रोड निवासी एक व्यक्ति का नाबालिग पुत्र 9 दिसंबर को घर से बिना किसी को बताए निकल गया था। परिजनों द्वारा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराए जाने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पूछताछ में यह बात सामने आई थी कि बच्चे को समस्तीपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-7 पर मौर्य एक्सप्रेस में चढ़ते हुए देखा गया था, जिसके बाद उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया था। पुलिसिया जांच में सामने आया कि बच्चा घर से कुछ पैसे लेकर निकला था और ट्रेन व बस के जरिए सीधे कालिंपोंग पहुंच गया।

IMG 20240904 WA0139

शुरुआती दिनों में वह होटल में ठहरा और शहर की नई दुनिया को देखने-समझने में समय बिताया। लेकिन जैसे-जैसे जेब खाली हुई तो मजबूरी में उसने दुकानों और होटल में छोटे-मोटे काम करने शुरू कर दिए, ताकि दो वक्त की रोटी का इंतजाम हो सके। पुलिस पूछताछ में बच्चे ने स्वीकार किया कि वह घर में माता-पिता की डांट-फटकार से नाराज होकर निकल गया था और उस समय उसने कभी वापस नहीं लौटने की ठान ली। हालांकि समय के साथ उसे अपनी गलती का एहसास भी होने लगा था।

FB ADD scaled

इधर नाबालिग के सकुशल मिलने से परिजनों ने राहत की सांस ली है। वहीं नगर थानाध्यक्ष अजीत कुमार ने इस घटना को समाज के लिए एक सबक बताते हुए अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें और सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर सतर्क रहें। उन्होंने कहा कि अनावश्यक डांट-फटकार के बजाय बच्चों से संवाद, समझ और विश्वास का रिश्ता कायम करना ज्यादा जरूरी है, ताकि मासूम भावनाएं भटकने की बजाय सही दिशा में आगे बढ़ सकें।

IMG 20250204 WA0010

IMG 20250821 WA0010

file 00000000201c7207a5243d349b920613

IMG 20241218 WA0041

20201015 075150