समस्तीपुर : समस्तीपुर जिले में पुलिसिंग व्यवस्था को आधुनिक और अधिक प्रभावी बनाने के लिए एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल होने जा रहा है। एसपी अरविंद प्रताप सिंह द्वारा भेजे गए इस प्रस्ताव के लागू होते ही जिले की सुरक्षा संरचना पूरी तरह बदल जाएगी। समस्तीपुर जिला पुलिस प्रशासन ने जिले की बढ़ती आबादी और भौगोलिक विस्तार को देखते हुए पुलिस अंचलों (Police Circles) और अनुमंडलों (Police Sub-divisions) के पुनर्गठन का एक व्यापक प्रस्ताव पुलिस मुख्यालय को भेजा है। इस नए बदलाव का मुख्य उद्देश्य कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करना और आम जनता को त्वरित न्याय दिलाना है।
वर्तमान में जिले में केवल 5 पुलिस अंचल (सदर, मुफस्सिल, दलसिंहसराय, रोसड़ा और पटोरी) कार्यरत हैं। नए प्रस्ताव के अनुसार, अब ताजपुर, मुसरीघरारी, उजियारपुर, कल्याणपुर, वारिसनगर, मोहिउद्दीननगर, विद्यापतिनगर, विभूतिपुर और हसनपुर को भी नया पुलिस अंचल बनाया जाएगा। इससे अंचलों की कुल संख्या बढ़कर 14 हो जाएगी।
अंचल पुनर्गठन के साथ ही ये सभी थाने ‘पुलिस निरीक्षक थाना’ के रूप में अपग्रेड हो जाएंगे। इसका सीधा अर्थ यह है कि अब इन थानों में थानाध्यक्ष की जिम्मेदारी पुलिस निरीक्षक रैंक के अधिकारियों को सौंपी जाएगी। इससे न केवल अनुसंधान (Investigation) की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि केसों का निपटारा भी तेजी से हो सकेगा।
प्रशासनिक सहूलियत के लिए रोसड़ा पुलिस अनुमंडल को दो हिस्सों में बांटने की तैयारी है। रोसड़ा का क्षेत्र काफी बड़ा होने के कारण इसके एक हिस्से को काटकर ‘रोसड़ा टू’ (Rosera-2) नाम से नया अनुमंडल बनाया जाएगा। इसका मुख्यालय हसनपुर में होने की प्रबल संभावना है, जिससे पूर्वी और पश्चिमी क्षेत्रों का संतुलन बना रहे।
इस पुनर्गठन का एक प्रमुख उद्देश्य पुलिस अधिकारियों पर से काम के बोझ को कम करना है। आबादी बढ़ने के बावजूद लंबे समय से अंचलों की संख्या सीमित थी। नए ढांचे के तहत प्रत्येक अंचल का भौगोलिक क्षेत्र, थानों की संख्या और जनसंख्या को संतुलित रखा गया है, ताकि पुलिसिंग अधिक केंद्रित और प्रभावी हो सके।
अभी मुफस्सिल पुलिस अंचल का मुख्यालय ताजपुर में है। नए बदलाव के बाद ताजपुर और मुसरीघरारी के अपने स्वतंत्र अंचल मुख्यालय होंगे। इसके बाद मुफस्सिल अंचल का मुख्यालय शहर के भीतर स्थानांतरित किया जा सकता है, जिससे शहरी क्षेत्र की निगरानी और बेहतर होगी।
एसपी अरविंद प्रताप सिंह के अनुसार, इस नए ढांचे में अपराध नियंत्रण, गश्ती व्यवस्था और अनुसंधान की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। मुख्यालय से ‘हरी झंडी’ मिलते ही सभी नए अंचलों में निरीक्षकों की तैनाती कर दी जाएगी। इससे स्थानीय स्तर पर शिकायतों के निवारण में भी तेजी आएगी।
समस्तीपुर के एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने बताया कि राज्य स्तर पर लंबे समय से अंचलों का पुनर्गठन लंबित था। मुख्यालय के आदेश पर ही यह 14 अंचलों और 1 नए अनुमंडल का प्रस्ताव भेजा गया है। उम्मीद है कि जल्द ही इसे स्वीकृति मिल जाएगी और जिले में पुलिसिंग का एक नया और सशक्त अध्याय शुरू होगा।
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