पुलिस अधिकारी बनकर साइबर ठगों ने महिला को किया डिजिटल अरेस्ट, ठगे 18.70 लाख रुपये, समस्तीपुर के पटोरी से एक गिरफ्तार

भागलपुर में एक महिला को डिजिटल अरेस्ट कर 18.70 लाख रुपये की ठगी मामले में भागलपुर साइबर पुलिस ने समस्तीपुर जिले के शाहपुर पटोरी के हसनपुर के रहने वाले आरोपी अविनाश कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। घटना को लेकर भागलपुर जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र के चुनिहारी टोला की रहने वाली रत्ना गुप्ता ने केस दर्ज कराया था। उन्होंने पुलिस को बताया था कि चार जनवरी को अंजान नंबर से एक शख्स ने कॉल किया और बताया कि वह नेशनल सीक्रेट डिपार्टमेंट से बोल रहा है।
मुंबई में पुलिस अधिकारी होने की बात कहने वाले उस शख्स ने कहा कि आप और संजय मिलकर मनी लांड्रिंग का काम करते हैं। उसने यह भी कहा कि आपकी रिकॉर्डिंग भी है। यही कहकर धमकाया और डिजिटल अरेस्ट कर लिया। गिरोह के अन्य सदस्यों के नाम बताए, छापेमारी की जा रही आरोपी के पास से पुलिस ने 15 हजार रुपये नगद, मोबाइल और एटीएम कार्ड बरामद किया है। पूछताछ में आरोपी ने अपने गिरोह के अन्य सदस्यों के भी नाम पुलिस को बताए हैं। अन्य जिलों और राज्य के साइबर अपराधियों के गिरोह में शामिल होने की बात उसने कही है। गिरोह के उन सदस्यों की भी पुलिस तलाश कर रही है।

मामले के खुलासे और अपराधियों की गिरफ्तारी को लेकर एसएसपी प्रमोद कुमार के निर्देश पर साइबर डीएसपी कनिष्क श्रीवास्तव के नेतृत्व में पुलिस की टीम का गठन किया गया। उस टीम में साइबर थाना के एसआई शिव कुमार सुमन, एसआई रितु कुमारी, सिपाही सुभाष और सिपाही दीपक कुमार महतो को शामिल किया गया था। घर से बाहर जाने से रोका, बेटा और बेटी को उठवा लेने की भी धमकी दी महिला ने पुलिस को बताया था कि कॉल करने वाले ने धमकी देकर डिजिटल अरेस्ट किया और पांच एवं छह जनवरी को उनके पति के खाते से उसके बताए दो खाते में नौ लाख और नौ लाख सत्तर हजार रुपये ट्रांसफर करा लिया।

साइबर अपराधियों ने महिला को घर से बाहर जाने से रोक दिया। यह भी धमकी दी कि अगर नेशनल सीक्रेट केस लीक हो जाएगा तो इसकी सजा आपको भुगतनी होगी। महिला और उसके पति का हस्ताक्षर करा व्हाट्सएप पर बांड भी मंगवा लिया। आधार की कॉपी ले ली। बेटा और बेटी को उठवा लेने की धमकी दी और कहा कि आपको अरेस्ट कराने में दो मिनट लगेगा। इज्जत मिट्टी में मिलने की भी बात कही। महिला ने पुलिस को बताया कि डर की वजह से उसने और उसके पति ने मोबाइल का इंटरनेट बंद कर दिया। वाई-फाई से कनेक्ट होते ही साइबर अपराधियों का वीडियो कॉल आने लगता था।





