DIG ने 2020 बैच के समस्तीपुर के पुलिस अवर निरीक्षकों के प्रशिक्षण कि समीक्षा की, गंभीर मामलों के अनुसंधान में एसओपी अनुपालन के निर्देश

समस्तीपुर : मिथिला रेंज की डीआईजी डॉ. स्वप्ना गौतम मेश्राम के द्वारा शुक्रवार को अपने कार्यालय प्रकोष्ठ में समस्तीपुर जिले में पदस्थापित वर्ष 2020 बैच के पुलिस अवर निरीक्षकों द्वारा प्रोबेशन पीरियड पूरा होने के बाद अब तक प्राप्त किए गए व्यावहारिक प्रशिक्षण की समीक्षा की गई। इस दौरान प्रशिक्षण की गुणवत्ता, उपयोगिता और फील्ड में उसके अनुपालन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
समीक्षा बैठक में डीआईजी ने बताया कि पुलिस अवर निरीक्षकों को आधुनिक और वैज्ञानिक पुलिसिंग के अनुरूप प्रशिक्षण दिया गया है। इसमें घटना स्थल पर साक्ष्य संकलन को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताते हुए वीडियोग्राफी, फोटोग्राफी एवं नजरी नक्शा तैयार करने की प्रक्रिया की समीक्षा की गई। इसके साथ ही हत्या, लूट, पोक्सो एक्ट, एससी, एसटी एक्ट जैसे गंभीर मामलों में अनुसंधान की बारीकियों पर भी चर्चा की गई।

डीआईजी ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान फर्द बयान लिखने, ई-साक्ष्य को सुरक्षित रूप से वीडियो के माध्यम से अपलोड करने, चक्रा व दर्पण प्रणाली, एफआईआर में स्वयं विधिसम्मत धाराएं लगाने, पोस्टमार्टम रिपोर्ट को सही ढंग से पढ़ने और समझने, साथ ही इंटरोगेशन के निर्धारित फॉर्मेट को भरने का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया है। इसके अतिरिक्त कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम से संबंधित प्रशिक्षण पोर्टल के माध्यम से प्राप्त करने की भी समीक्षा की गई।

डीआईजी ने निर्देश दिया कि सभी अधिकारी इस प्रशिक्षण को गंभीरता से लें और व्यवहार में उसका पालन सुनिश्चित करें। समीक्षा के दौरान यह भी स्पष्ट किया गया कि अन्य गंभीर मामलों में एसओपी का शत-प्रतिशत अनुपालन किया जाए। डीआईजी ने सभी पुलिस अवर निरीक्षकों को जनता के साथ संवेदनशील, विनम्र एवं कानूनसम्मत व्यवहार रखने का सख्त निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि एक प्रशिक्षित, संवेदनशील और तकनीकी रूप से दक्ष पुलिस अधिकारी ही न्याय व्यवस्था की रीढ़ होता है। ऐसे प्रशिक्षण से पुलिसिंग की गुणवत्ता में सुधार होगा और आम जनता का पुलिस पर विश्वास और अधिक मजबूत होगा।

बयान :
2020 बैच के पुलिस अवर निरीक्षक अब प्रोबेशन पीरियड पूर्ण कर चुके हैं। उन्हे आधुनिक, वैज्ञानिक और तकनीकी रूप से सक्षम पुलिसिंग का प्रशिक्षण दिया गया है। सभी अधिकारी इस प्रशिक्षण का फील्ड में शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करें और जनता के साथ संवेदनशील व कानून सम्मत व्यवहार रखें। यही बेहतर पुलिसिंग और मजबूत न्याय व्यवस्था की नींव है।
डॉ. स्वप्ना गौतम मेश्राम, डीआईजी, मिथिला रेंज




