राज्यसभा पर अड़े जीतनराम मांझी, बोले अमित शाह ने वादा किया था; बेटे संतोष सुमन को दी यह सलाह

मोदी सरकार में एमएसएमई मंत्री जीतनराम मांझी ने एक राज्यसभा सीट की मांग को जायज ठहराया है। कहा है कि अमित शाह ने उनकी पार्टी से वादा किया था। मांझी ने कहा कि इसी वजह से बेटे संतोष सुमन को इसकी मांग के लिए सलाह दिया था। उन्होंने एक सांसद पर केंद्रीय कैबिनेट में मंत्री बनाने के लिए नरेंद्र मोदी का आभार जाताया।
जहानाबाद में जीतनरा मांझी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उनकी पार्टी को लोकसभा में दो सीट और राज्यसभा में एक सीट देने का वादा अमित शाह ने वादा किया था। अमित शाह ने अपनी बात को पत्थर पर लकीर मान लें। फिर भी 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्हें एक सीट मिली। एनडीए का अनुशासित सिपाही के नाते उन्होंने स्वीकार किया और एक सीट पर संतोष कर लिया। उन्हें जीत मिली तो केंद्र में मंत्री भी बना दिया गया। मांझी ने कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति समर्पित हैं।

उन्होंने फिर दोहराया कि राज्य सभा की एक सीट की मांग जायज है। पुराने वादे के अनुसार उन्हें राज्यसभा में स्थान मिलना ही चाहिए। यह सलाह संतोष मांझी को दे रहे थे कि आप अपना अधिकार मांगिए। पिछले गया में दिनों जीतनराम मांझी ने हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष मांझी को राज्यसभा सीट के लिए मंत्री पद छोड़ देने की सलाह दी थी।
गया जी में अपनी पार्टी के एक कार्यक्रम के दौरान हम के संरक्षक जीतन राम मांझी ने राज्यसभा सीट को लेकर बेहद आक्रामक रुख अपनाया था। उन्होंने यहां तक कह दिया था कि वादे को पूरा नहीं किया जा रहा है। उनकी पार्टी को कम करके आंका जा रहा है। वादाखिलाफी होगी तो चुप बैठने वाले नहीं हैं। गुरुवार को जहानाबाद में उन्होंने फिर से अपनी बात दोहराते हुए राज्यसभा सीट पर अपनी पार्टी की दावेदारी को पुख्ता किया।

अगले साल पांच सीट खाली होंगी
दरअसल 9 अप्रैल 2026 को बिहार में राज्यसभा की 5 सीटें खाली होने वाली हैं। इनमें से जेडीयू के दो, आरजेडी के दो और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा की एक सीट है। मांझी इनमें से एक सीट पर दावा करे हैं। मांझी के दावे पर उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि कोई भी मांग एनडीए के पटल पर होना चाहिए। कुशवाहा खुद भी अपनी सीट बरकरार रखने की कोशिश में हैं।





