जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रेशन पर कलेक्ट्रेट सभागार में एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला आयोजित

समस्तीपुर : कलेक्ट्रेट परिसर स्थित सभा कक्ष में बुधवार को जन्म एवं मृत्यु रजिस्ट्रेशन से संबंधित एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन डीएम की अध्यक्षता में किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ नगर आयुक्त, एसडीओ रोसड़ा एवं जिला सांख्यिकी पदाधिकारी द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया गया। इसके पश्चात जिला सांख्यिकी पदाधिकारी द्वारा नगर आयुक्त एवं एसडीओ का पौधा भेंट कर स्वागत किया गया।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान मास्टर ट्रेनर संतोष कुमार एवं पवन कुमार सिंह (सहायक सांख्यिकी पदाधिकारी) ने जन्म–मृत्यु अधिनियम 1969, इसके संशोधित अधिनियम 2023, तथा बिहार राज्य जन्म–मृत्यु अधिनियम 1999 एवं संशोधित 2025 के सभी महत्वपूर्ण प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी।

प्रशिक्षण में बताया गया कि जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण से पूर्व तिथि एवं स्थान से संबंधित साक्ष्य प्राप्त कर जांच प्रक्रिया का विधिवत पालन अनिवार्य है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि स्वास्थ्य संस्थानों में घटित मृत्यु के मामलों में एमसीसीडी (Medical Certificate of Cause of Death) को अनिवार्य रूप से पोर्टल पर अपलोड किया जाना चाहिए।

मास्टर ट्रेनरों ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि वर्तमान समय में अधिकांश प्रसव स्वास्थ्य संस्थानों में हो रहे हैं, ऐसे में यह सुनिश्चित किया जाए कि बच्चे की उम्र कम दर्शाने के उद्देश्य से घर पर प्रसव बताकर पंजीकरण न कराया जा रहा हो। ऐसे मामलों में जन्मतिथि की गहन जांच के बाद ही निबंधन किया जाए, ताकि पंजीकरण की शुद्धता एवं पारदर्शिता बनी रहे।
इस प्रशिक्षण सह कार्यशाला में एडीएम ब्रजेश कुमार, नगर आयुक्त ज्ञान प्रकाश, सिविल सर्जन डॉ. एसके चौधरी, सभी एसडीओ, सभी स्वास्थ्य संस्थानों के चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, कार्यपालक पदाधिकारी, सहायक सांख्यिकी पदाधिकारी, प्रखंड सांख्यिकी पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित कर्मी उपस्थित रहे।





