शिक्षकों को परेशान करने वाले रामाज्ञा उच्च माध्यमिक विद्यालय चैता के हेडमास्टर से स्पष्टीकरण

समस्तीपुर : शिक्षा विभाग ने विद्यालयों में अवकाश से जुड़े अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (माध्यमिक शिक्षा सह साक्षरता) प्रेम शंकर झा ने उजियारपुर प्रखंड के चैता उत्तरी पंचायत स्थित रामाज्ञा उच्च माध्यमिक विद्यालय चैता के प्रधानाध्यापक/प्रभारी प्रधानाध्यापक को स्पष्टीकरण पत्र जारी किया है।
जारी पत्र में आरोप लगाया गया है कि विद्यालय में शिक्षकों को देय विभिन्न प्रकार के अवकाशों को बिना उचित कारण बताए स्वीकृत नहीं किया जा रहा है, जबकि स्वयं प्रधानाध्यापक बिना पूर्वानुमति के व्हाट्सएप ग्रुप में आवेदन डालकर आकस्मिक अवकाश पर चले जाते हैं। डीपीओ ने इसे अनुशासनहीनता बताते हुए चेतावनी दी है कि निर्धारित समय पर स्पष्टीकरण उपलब्ध नहीं कराने या बिना अनुमति के अवकाश पर पाए जाने पर उनके विरुद्ध आरोप गठित कर कार्रवाई हेतु उच्चाधिकारियों को प्रतिवेदन भेजा जाएगा।

पत्र में यह भी कहा गया है कि विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं विद्यालय परिवार का हिस्सा हैं। ऐसे में एचएम द्वारा शिक्षकों को अनावश्यक रूप से परेशान करना न तो न्यायसंगत है और न ही विभागीय मर्यादाओं के अनुरूप। प्रधानाध्यापक/प्रभारी प्रधानाध्यापक को तीन दिनों के भीतर यह बताने का निर्देश दिया गया है कि उन्होंने अब तक कितने आकस्मिक अवकाश लिए हैं, वे किन-किन से स्वीकृत हुए हैं तथा संबंधित साक्ष्य भी प्रस्तुत करें।
डीपीओ ने इस पत्र के माध्यम से जिले के सभी उच्च विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को याद दिलाया है कि विभागीय अधिसूचना संख्या—939 (दिनांक 23.06.2011) के अनुसार आकस्मिक अवकाश की स्वीकृति जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, माध्यमिक शिक्षा एवं साक्षरता से लेनी अनिवार्य है और उसी के अनुरूप अवकाश का उपभोग किया जाना चाहिए।







