ईख अनुसंधान संस्थान पूसा ने गन्ना के 7 नये प्रभेद किया विकसित

समस्तीपुर/पूसा : डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय से जुड़े ईख अनुसंधान संस्थान, पूसा ने गन्ना के 7 नये प्रभेद विकसित किया है। जिसे वैज्ञानिको की टीम ने चिन्हित कर नामाकरण किया है। अब जल्द ही इन नये प्रभेदो को राष्ट्रीय स्तर पर जांच के लिए अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना (गन्ना) में शामिल कराया जायेगा। मिली जानकारी के अनुसार संस्थान की प्रभेद पहचान समिति ने संस्थान से जुड़े प्रक्षेत्रो में लगे गन्ना प्रभेदो का परीक्षण किया।
इस दौरान गन्ना की उपज, रस में शुक्रोज की मात्रा, कीट एवं रोगों के प्रतिरोधक क्षमता के आधार और पकने का समय आदि का परीक्षण किया। संस्थान के निदेशक डॉ. देवेन्द्र सिंह की अध्यक्षता वाली टीम में डॉ. डीएन कामत, डॉ. बलवंत कुमार, डॉ. नवनीत कुमार, डॉ. अनिल कुमार, डॉ. मिनातुल्ला, डॉ. एसएन सिंह, डॉ. सुनीता मीणा, डॉ. ललिता राणा आदि शामिल थे।

वैज्ञानिको की टीम ने गन्ना के उन्नत क्लोनो का चयन कर उसका नामाकरण किया। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. पीएस पाण्डेय के मार्गदर्शन में हो रहा गन्ना अनुसंधान अब नये प्रभेदो को जल्द ही राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षण के बाद किसानो को सौगात देगा। चिन्हित अगात प्रभेदो में सीओपी 25436, सीओपी 25437, बीओ 157, सीओपी 25438, मध्य पछेती किस्मों में सीओपी 25439ं, सीओपी 25440, सीओपी 25441 शामिल हैं। गन्ना प्रजनक डॉ.डीएन कामत एवं डॉ. बलवंत कुमार ने बताया कि पूसा में ही संकरित एवं चयनित प्रभेद बीओ 157 भी नये उन्नत क्लोनो में चयनित किया गया है, जिससे वैज्ञानिको में काफी उत्साह है।






