डिजिटल व प्राकृतिक खेती कोर्स शुरू करने वाला पहला युनिवर्सिटी बना केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा

समस्तीपुर/पूसा : कृषि वैज्ञानिक भर्ती बोर्ड के अध्यक्ष डॉ.संजय कुमार सिंह ने कहा कि कृषि शोध एवं शिक्षा जननी पूसा कृषि विश्वविद्यालय में नामांकन कराना छात्रों के लिए गर्व का विषय है। डिजिटल एग्रीकल्चर एवं प्राकृतिक खेती में कोर्स शुरू करने वाला यह पहला विश्वविद्यालय है। जरूरत है विश्वविद्यालय से उत्कृष्ट ज्ञान का संचय कर देश हित में उपयोग करने की। जिससे परिवार व देश गर्वान्वित महसूस कर सके।
वे सोमवार को डॉ. राजेनद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय में नवनामांकित छात्रों के लिए आयोजित दीक्षारंभ कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने छात्रों से कृषि की आधुनिकतम तकनीक व दुनिया भर में चल रहे अनुसंधान, नोबल पुरस्कारों से सम्मानित वैज्ञानिकों के जीवन और उनके कार्यों की चर्चा करते हुए प्रेरणा लेने की अपील की।

उन्होंने छात्रों से संकंल्पित भाव से शिक्षा ग्रहण कर देश को विकसित बनाने में कार्य करने पर बल दिया। कुलपति डॉ.पीएस पांडेय ने कहा कि विवि में छात्रों और किसानों को केंद्र में रखकर सभी निर्णय लिये जा रहे हैं। विश्वविद्यालय के छात्र देश- दुनिया में नाम रोशन कर रहे हैं। अध्ययनरत छात्रों का शत-प्रतिशत प्लेसमेंट कराने की दिशा में विवि लगातार प्रयास कर रहा है।

स्वागत करते हुए स्कूल ऑफ एग्री-बिजनेस एंड रूरल मैनेजमेंट के निदेशक डॉ.रामदत्त ने छात्रों में जोश भरते हुए कहा कि दुनिया का हर काम तब तक मुश्किल है, जब तक उसे शुरू नहीं किया जाता। जब आप ठान लेते हैं तो असंभव भी संभव हो जाता है। आयोजन प्रभारी डॉ. रितंभरा ने बताया कि दीक्षारंभ कार्यक्रम 21 दिनों तक चलेगा। जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल होकर छात्रों के साथ संवाद करेंगे। मौके पर डीन डॉ मयंक राय, डॉ.अमरेश चंद्रा, डॉ.पीपी श्रीवास्तव, डॉ.उषा सिंह, उपकुलसचिव डॉ.सतीश कुमार सिंह निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ.रत्नेश कुमार झा आदि मौजूद थे। संचालन डॉ.कुमारी अंजनी ने किया।






