Samastipur

केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा में प्रसार शिक्षा परिषद बैठक की संपन्न, 16 केवीके ने प्रस्तुत की उपलब्धियां और भविष्य की योजनाएं

समस्तीपुर : डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा में प्रसार शिक्षा परिषद की बैठक के दूसरे दिन विश्वविद्यालय से जुड़े 16 कृषि विज्ञान केन्द्र के प्रधान वैज्ञानिकों ने अपने अपने केंद्र में किये जा रहे कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। सभी कृषि विज्ञान केन्द्र के अध्यक्ष ने बीज उत्पादन, किसानों को प्रशिक्षण, आन फ़ार्म ट्रायल के साथ साथ विश्वविद्यालय के तकनीकों का किसानों के खेत में और कृषि विज्ञान केन्द्रों में प्रदर्शन के बारे में डाटा के साथ जानकारी दी।

इसके अतिरिक्त सभी प्रधान वैज्ञानिकों ने अपने अपने केंद्र के सक्सेस स्टोरी, रिसर्च पब्लिकेशन और भविष्य के प्लान के बारे में भी जानकारी दी। कार्यक्रम के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कुलपति डॉ पांडेय ने कहा कि कृषि विज्ञान केन्द्र से जुड़े वैज्ञानिक एवं कर्मचारी अच्छा कार्य कर रहे हैं लेकिन विश्वविद्यालय से किसानों की बहुत ज्यादा आशा और अपेक्षा है। हमें उनकी आशाओं के अनुरूप कार्य करने के लिए और अधिक तेजी से और अपनी पूरी शक्ति के साथ कार्य करना होगा।

उन्होंने विभिन्न कृषि विज्ञान केन्द्रों की प्रस्तुति के दौरान विभिन्न सुझाव दिये। बाह्य विशेषज्ञ के रूप में शामिल हुए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पूर्व उपमहानिदेशक प्रसार शिक्षा डा पी दास ने सभी प्रधान वैज्ञानिकों से उनकी प्रस्तुति के दौरान डाटा को लेकर विभिन्न सवाल पूछे और डाटा को नियंत्रित तरीके से इकठ्ठा करने और नोट करने को लेकर विभिन्न सुझाव दिये। उन्होंने पानी के मात्रात्मक उपयोग और कार्बन उत्सर्जन से संबंधित डाटा की जानकारी इकट्ठा करने की भी सलाह दी।

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पूर्व सहायक महानिदेशक डॉ रणधीर सिंह ने कहा कि सभी कृषि विज्ञान केन्द्र की कुछ न कुछ सफलता की कहानी होती है, उन सफलता की कहानियों को प्रकाशित करना चाहिए ताकि उससे दूसरे किसानों को प्रेरणा मिल सके। उन्होंने कहा कि इन्ही सक्सेस स्टोरी से प्रसार के नये माडल भी बन सकते हैं।

निदेशक प्रसार शिक्षा ने विश्वविद्यालय के शाट टर्म, मिड टर्म और लांग टर्म लक्ष्यों के बारे में विस्तार से वैज्ञानिकों को जानकारी दी और कहा कि किसानों को मूल में रखकर इन लक्ष्यों को पूरा करने का अथक प्रयास करने की जरूरत है। कार्यक्रम के दौरान मंच संचालन डा सौरभ त्रिवेदी ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ संजीव कुमार ने किया। कार्यक्रम के दौरान डीन एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग डॉ राम सुरेश वर्मा, डीन कम्युनिटी साइंस डॉ. उषा सिंह, डॉ. महेश कुमार, डॉ. सुधीर पासवान समेत विभिन्न वैज्ञानिक, शिक्षक एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।

Avinash Roy

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