समस्तीपुर : जननायक कर्पूरी ठाकुर की कर्मभूमि समस्तीपुर की राजनीति इस बार भी पुराने चेहरों के इर्द-गिर्द घूमती दिख रही है।समाजवाद की इस धरती पर जदयू ने अनुभव और संगठननिष्ठा पर भरोसा जताते हुए जिले की सात सीटों पर अपने प्रत्याशियों का चयन कर उन्हें सिम्बल थमा दिया है। इनमें समस्तीपुर, सरायरंजन, विभूतिपुर, हसनपुर, कल्याणपुर, मोरवा और वारिसनगर विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। जदयू ने इस बार किसी बड़े प्रयोग की जगह भरोसेमंद पुराने सिपाहियों पर ही दांव खेला है। पार्टी के रणनीतिकारों का मानना है कि इन नेताओं की पकड़ संगठन से लेकर आम जनता तक मजबूत है और इनके अनुभव से चुनावी नैया पार लगाई जा सकती है।
-चौथी बार विजय श्री का आशीर्वाद मांग रहे विजय चौधरी
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के भरोसेमंद सिपाही और संगठन के कद्दावर नेता विजय चौधरी एक बार फिर सरायरंजन से चुनावी रण में उतर चुके हैं। लगातार तीन बार विधानसभा पहुंच चुके चौधरी अब चौथी बार जनता से विजय श्री का आशीर्वाद मांग रहे हैं। विकास के मुद्दों और क्षेत्र में शिक्षा-सड़क जैसी उपलब्धियों के सहारे वे मैदान में डटे हैं।
-कल्याणपुर में हजारी को हैट्रिक लगाने की चुनौती
वहीं कल्याणपुर से विधायक महेश्वर हजारी लगातार तीसरी बार जीत दर्ज कर हैट्रिक लगाने के इरादे से चुनावी समर में उतर रहे हैं। मंत्री हजारी जिले की राजनीति में संगठन और जनता दोनों स्तर पर अपनी मजबूत पकड़ के लिए जाने जाते हैं।
-समस्तीपुर से एक बार फिर पार्टी ने अश्वमेघ देवी जताया भरोसा
समस्तीपुर विधानसभा सीट से जदयू ने एक बार फिर पूर्व सांसद अश्वमेघ देवी पर भरोसा जताया है। लंबे राजनीतिक अनुभव और मजबूत जनसंपर्क के लिए जानी जाने वाली अश्वमेघ देवी की वापसी को पार्टी ने संगठन सशक्तीकरण की दिशा में अहम कदम माना है। वे पूर्व में क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं और अब दोबारा जनता के बीच सक्रिय दिख रही हैं। राजनीतिक पंडितों की मानें तो इसे जदयू की महिला नेतृत्व सशक्तिकरण रणनीति से भी जोड़कर देख रहे हैं।
-हसनपुर में फिर वापसी की कोशिश करेंगे राजकुमार
हसनपुर सीट पर जदयू ने पूर्व विधायक राजकुमार राय पर भरोसा जताया है। इस सीट से वे पहले भी जनता का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और अब एक बार फिर जीत की उम्मीद के साथ मैदान में हैं।
-मोरवा से विद्यासागर निषाद को मिला मौका
पूर्व मंत्री और समाज के प्रमुख चेहरे विद्यासागर निषाद को जदयू ने मोरवा से टिकट दिया है। निषाद अपनी सहज छवि और जनसंपर्क के लिए जाने जाते हैं।
-विभूतिपुर में नया नाम, लेकिन पुराना परिवार
विभूतिपुर सीट पर पार्टी ने इस बार एक नया लेकिन परिचित चेहरा पेश किया है। पूर्व विधायक रामबालक सिंह की पत्नी रबीना कुशवाहा को प्रत्याशी बनाया गया है। यह सीट अब सामाजिक समीकरणों और महिला प्रतिनिधित्व के लिहाज से चर्चा में है।
-वारिसनगर में नई पीढ़ी का आगमन, मृणाल मंजरिक पर भरोसा
वारिसनगर से लगातार तीन बार विधायक रहे अशोक कुमार मुन्ना इस बार खुद मैदान में नहीं हैं, लेकिन पार्टी ने उनकी राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाते हुए उनके बेटे मृणाल मंजरिक पर दांव लगाया है। नामांकन के दौरान पिता अशोक मुन्ना खुद बेटे के साथ मौजूद रहे और जनता से बेटे को आशीर्वाद देने की अपील की। बता दें कि मृणाल ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में पीएचडी किया है। भारतीय विज्ञान संस्थान में साइंटिस्ट हैं। इन दिनों यूएसए में पोस्टेड थे।नौकरी से रिजाइन कर राजनीति में प्रवेश किया है।
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