लोको पायलट को धीमी रफ्तार से सीटी बजाते हुए ट्रेन के परिचालन का मिला निर्देश, समस्तीपुर-दरभंगा ट्रैक पर वर्ष 2016 में हुआ था गंभीर हादसा

समस्तीपुर : समस्तीपुर रेल मंडल के 15 रेलखंडों पर 110 छठ घाट बनते हैं। इसमें थोड़ी सी भी लापरवाही जान पर भारी पड़ सकती है। ऐसे घाटों पर हमेशा सतर्कता की जरूरत है। ये वैसे घाट हैं जो रेलवे लाइन के एकदम करीब हैं। यहां अर्घ्य के दौरान लोग रेलवे लाइन पर ही खड़े हो जाते हैं। समस्तीपुर रेल मंडल मुख्यालय स्थित बूढ़ी गंडक के रेल पुल पर बैरिकेडिंग नहीं होने से हमेशा खतरे की संभावना बनी रहती है। रेलवे लाइन किनारे के बने छठ घाट खतरनाक साबित हो सकते हैं। अर्घ्य के दौरान उमड़ने वाली भीड़ अनियंत्रित होती है। आतिशबाजी के दौरान भगदड़ होने की भी आशंका बनी रहती है।
इस दौरान ट्रेनों की आवाजाही होने से खतरा और बढ़ जाता है। आरपीएफ व जीआरपी की टीम रेल ट्रैक व समपार फाटक होकर गुजरने वाले छठ घाट पर मुस्तैद रहेगी। इसमें समपार फाटक संख्या 53 ए, बांध स्थित समपार फाटक 5 ए, रेल गंडक पुल और रामभद्रपुर स्थित घाट पर विशेष रूप से नजर रखी जा रही है। आसपास के लोगों को सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है। मंडल रेल प्रबंधक ज्योति प्रकाश मिश्रा ने रेलवे लाइन के समीप विभिन्न घाटों पर आरपीएफ बलों को तैनात करने का आदेश दिया है।

लगातार सीटी बजाते हुये गुजरेगी ट्रेन :
छठ घाट के समीप होकर गुजरने वाली ट्रेनों के लोको पायलट को भी विशेष निर्देश दिया गया है। ट्रेन का परिचालन 10 से 15 किलोमीटर की गति के साथ ही लगातार सीटी का प्रयोग करते हुए किया जाना है। रेलवे ट्रैक पर भीड़ देखते ही तत्काल ट्रेन रोक देने का निर्देश लोको पायलट को दिया गया है। बता दें कि समस्तीपुर दरभंगा रेलखंड पर रेलवे लाइन के किनारे कई छठ घाट हैं जहां व्रती छठ पूजा करते हैं।

वर्ष 2016 में हुआ था गंभीर हादसा :
7 नवंबर 2016 को समस्तीपुर-दरभंगा रेलखंड के रामभद्रपुर स्टेशन के पास मोईनघाट के समीप सुबह में अर्घ्य के लिए लोग जमा थे। समय करीब 05.40 बजे थे। इसी दौरान करीब 13 घंटा लेट नई दिल्ली- दरभंगा स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के गुजरने से पांच लोगों की मौत ट्रेन की चपेट में आने से हो गयी थी। इस हादसे में कई लोग गंभीर रूप से जख्मी भी हो गये थे जो आज भी विकलांग की जिंदगी जीने को विवश हैं। ज्ञात हो कि घटना के दौरान काफी कुहासा छाया हुआ था। समस्तीपुर से खुली उक्त ट्रेन बिना रूकावट दरभंगा जा रही थी। इसी दौरान छठ घाट के समीप यह भीषण हादसा हुआ।





