समस्तीपुर से पीएम मोदी का मिथिला प्रेम, बोले- यहां के पाहुन हैं भगवान राम, मैथिली में होगा संविधान का अनुवाद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को समस्तीपुर की धरती से बिहार विधानसभा चुनाव अभियान की शुरुआत करते हुए मिथिला की भावनाओं को सीधे संबोधित किया। उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत मैथिली में अभिवादन से की “हम हृदय स’ प्रणाम करियछी” और पूरे मिथिलांचल से आत्मिक जुड़ाव का संदेश दिया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जिस मिथिला के पाहुन स्वयं भगवान श्रीराम हैं, आज वहीं राम अयोध्या में विराजमान हैं। उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर बनने के समय पूरा मिथिला उत्सव में डूब गया था। मोदी ने मिथिला की आस्था के प्रतीकों का उल्लेख करते हुए कहा कि माता सीता, राजा जनक और बाबा कुशेश्वरनाथ की धरती ने हमेशा पूरे देश को प्रेरित किया है। उन्होंने मंच से घोषणा की कि पुनौरा धाम में माता सीता का भव्य मंदिर शीघ्र ही पूरा किया जाएगा।

पीएम मोदी ने यह भी बताया कि अयोध्या में बनने वाले राम मंदिर परिसर में निषादराज और वाल्मीकि जी के मंदिर भी निर्मित हो रहे हैं जिससे समाज के हर वर्ग को सम्मान मिल रहा है। प्रधानमंत्री ने मिथिला से जुड़े एक और बड़े कदम की घोषणा करते हुए कहा की हमारी सरकार माता सीता की भाषा मैथिली में भारत के संविधान का अनुवाद करा रही है। यह मिथिला की संस्कृति और मातृभाषा के प्रति हमारी श्रद्धा का प्रतीक है।

मोदी के संबोधन के दौरान जनसभा में मिथिला और समस्तीपुर के लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। उन्होंने मिथिलांचल की सांस्कृतिक विरासत को नमन करते हुए कहा, मिथिला केवल परंपरा नहीं, यह भारत की आत्मा का हिस्सा है। यहां के पाहुन यानी दामाद भी भगवान राम खुद हैं। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मखाना का माला पहनाकर उनका स्वागत किया गया।





