महाभारत काल से जुड़ा है ‘देवखाल चौर’, ‘लाक्षागृह कांड’ में जिंदा बचकर निकलने के बाद द्रोपदी ने इसी जगह किया था छठ

समस्तीपुर : समस्तीपुर जिले के उजियारपुर प्रखंड के भगवानपुर कमला गांव स्थित कमला घाट का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व सदियों पुराना है। यहां का ‘देवखाल चौर’ महाभारत काल से जुड़े इतिहास को अपने में समेटे हुए है, जिसके कारण यह स्थल स्थानीय लोगों के लिए गहरी आस्था का केंद्र है। स्थानीय ग्रामीणों की मान्यता के अनुसार, लगभग पांच हजार एकड़ में फैले इस देवखाल चौर का संबंध महाभारत के ‘लाक्षागृह कांड’ से है।
किंवदंती है कि जब लाक्षागृह कांड हुआ था, तब पांडवों ने अपनी जान बचाने के लिए इसी चौर में मौजूद एक सुरंग का उपयोग किया था। सुरंग के रास्ते पांडव सुरक्षित इसी स्थान पर बाहर निकले थे। स्थानीय कथाओं के अनुसार, सुरक्षित बाहर निकलने के बाद, उसी कार्तिक मास में, पांडवों की पत्नी द्रौपदी ने इसी कमला घाट पर सूर्य देव की आराधना करते हुए छठ पूजा की थी। तभी से इस घाट पर छठ पर्व की परंपरा चली आ रही है और इसकी महत्ता काफी बढ़ गई है। हालांकि, ग्रामीणों का मानना है कि समय के साथ कटाव के कारण अब यह प्राचीन सुरंग बंद हो चुकी है। हालांकि पानी कम होने पर सुरंग दिखता है।

चौर में कभी नहीं सूखता पानी, लाखों श्रद्धालुओं की आस्था :
इस चौर की एक और विशेषता यह है कि यह लगभग पांच हजार एकड़ में फैला हुआ है और पौराणिक मान्यताओं के कारण इसमें कभी पानी नहीं सूखता। यही वजह है कि कमला और आसपास के क्षेत्रों के लोग हर साल छठ पर्व मनाने के लिए पूरी आस्था के साथ यहां जुटते हैं।

समाजसेवी के प्रयास से हुआ घाट का जीर्णोद्धार :
स्थानीय समाजसेवी राजू सहनी इस घाट के प्रति गहरी आस्था रखते हैं। उनका कहना है कि साल 2001 में उनकी मन्नत पूरी होने के बाद, वह पिछले करीब 24 वर्षों से अपने निजी खर्च से इस छठ घाट का जीर्णोद्धार करवा रहे हैं। छठ पर्व के दौरान घाट तक पहुंचने के लिए विशेष लाइटिंग की व्यवस्था की जाती है और रात में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन होता है, जो हजारों श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र होता है। यह स्थल आज भी न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि महाभारत कालीन इतिहास की एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में भी जाना जाता है।
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महाभारत काल से जुड़ा है 'देवखाल चौर', 'लाक्षागृह कांड' में जिंदा बचकर निकलने के बाद द्रोपदी ने इसी जगह किया था छठ, समस्तीपुर जिले के उजियारपुर स्थित इस छठ घाट पर समाजसेवी राजू सहनी विगत 24 वर्षो से निजी कोष से करते आ रहे हैं साज-सज्जा#Samastipur #Mahabharata #Ujiyarpur… pic.twitter.com/ehCgRU1knZ
— Samastipur Town (@samastipurtown) October 26, 2025





