विभूतिपुर में शिक्षा एवं संविधान पर SFI का एक दिवसीय सेमिनार आयोजित, मुख्य वक्ता के रूप में पहुंची JNU छात्र संघ की पूर्व अध्यक्ष

समस्तीपुर/विभूतिपुर [केशव बाबू] : भारत का छात्र फेडरेशन (एसएफआई) के बैनर तले प्रखंड स्थित एक शिक्षण संस्थान में “छात्र, शिक्षा एवं संविधान” विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता जेएनयू छात्र संघ की पूर्व अध्यक्ष एवं एसएफआई के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव आईसी घोष थे। उनके आगमन पर कार्यकर्ताओं ने “इंकलाब जिंदाबाद”, “एसएफआई जिंदाबाद” और “कॉमरेड आईसी को लाल सलाम” जैसे नारों के बीच जोरदार स्वागत किया।
सेमिनार की अध्यक्षता एसएफआई के जिला अध्यक्ष नीलकमल ने की। इस मौके पर राज्य सचिव देवदत्त वर्मा, राज्य अध्यक्ष कांति यादव, जिला मंत्री छोटू कुमार भारद्वाज और पूर्व जिला मंत्री संजय कुमार समेत अन्य वक्ताओं ने विचार रखे। मुख्य वक्ता आईसी घोष ने अपने संबोधन में कहा कि एसएफआई का समस्तीपुर जिला से ऐतिहासिक रिश्ता रहा है। उन्होंने कहा कि शहीद लाल बहादुर राय ने समस्तीपुर कॉलेज परिसर में अपनी शहादत दी थी, जिससे यह जिला हमेशा आंदोलन की धरती रहा है। घोष ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार नई शिक्षा नीति के जरिए शिक्षा को निजीकरण की ओर धकेल रही है, जिससे किसान, मजदूर, गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों को शिक्षा से दूर करने की साजिश रची जा रही है।

उन्होंने कहा कि आज भी अधिकांश शिक्षण संस्थानों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। महंगी शिक्षा के कारण गरीब एवं वंचित वर्ग के बच्चे शिक्षा से वंचित हो रहे हैं। बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर द्वारा दिया गया शिक्षा का अधिकार आज खतरे में है। सरकार चाहती है कि पिछड़े, दलित, किसान और मजदूर वर्ग पढ़-लिखकर अपने अधिकार के लिए संघर्ष न कर सकें। घोष ने कहा कि छात्रों को पढ़ाई और लड़ाई को साथ-साथ आगे बढ़ाना होगा और संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष करना होगा।

कार्यक्रम के अंत में आईसी घोष ने डीबीकेएन कॉलेज कैंपस का भ्रमण किया और वहां के शिक्षकों एवं कर्मचारियों से शैक्षणिक गतिविधियों को लेकर बातचीत की। इस मौके पर केशव झा, प्रिंस कुमार, सोनू कुमार, श्याम बाबू, दिवाकर कुमार, अंजली कुमारी, रोहित कुमारी, रवीना कुमारी, रुखसाना खातून, स्नेहा कुमारी, नेहा कुमारी, काजल कुमारी, प्रीति कुमारी सहित सैकड़ों छात्र-छात्राएं मौजूद थे।






