रोसड़ा गांधी चौक पर होगा आरओबी का निर्माण, सुगम होगी शहर की ट्रैफिक व्यवस्था, शहरवासियों में प्रसन्नता

समस्तीपुर/रोसड़ा : रोसड़ावासियों की दशकों से लंबित मांग पूरी होने पर लोगों में काफी प्रसन्नता व्याप्त है। अब शहरवासियों को आए दिन के जाम से निजात मिलने वाली है। रोसड़ा से बेगूसराय जाने वाली मुख्य पथ एसएच 55 पर गांधी चौक के पास रेल गुमती संख्या 17 ए पर आरओबी निर्माण को रेल विभाग ने स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस लेवल क्रासिंग पर 103.42 करोड़ रुपए की लागत से आरओबी का निर्माण कराया जाएगा। इस आरओबी के निर्माण से ट्रैफिक काफी सुगम हो जाएगा। रेल गुमती पर फाटक बंद रहने को लेकर घंटों इंतजार करने की समस्या से लोगों को छुटकारा मिल जाएगा।
इससे शहर में लगने वाली जाम में भी कमी आएगी। आरओबी की मांग दशकों से की जा रही थी। खासकर जब से समस्तीपुर-खगड़िया रेललाइन का आमान परिवर्तन किया गया, तब से समस्तीपुर-खगड़िया वाया रोसड़ा रेलखंड पर मालगाड़ियों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हो गयी। वहीं लंबी दूरी की ट्रेनें भी इस रूट से होकर गुजरने लगी। जिसके कारण बार बार रेल गुमती के फाटक का बंद होना, घंटों फाटक का बंद रहना दिनचर्या में शामिल हो गया।

इससे सड़क मार्ग से यात्रा करने वाले लोगों को घंटों गुमती पर फाटक के खुलने का इंतजार करना पड़ता था। इसके कारण गांधी चौक, रजिस्ट्री ऑफिस व महावीर चौक जाम का दंश झेलने को विवश है। आरओबी के निर्माण हो जाने से इससे लोगों को छुटकारा मिल सकता है। 17 नम्बर गुमती से होकर गुजरने वाली एसएच 55 समस्तीपुर और बेगूसराय को जोड़ने का काम करती है।
इसके अलावे हसनपुर और बिथान प्रखंड जाने के लिए भी इसी मार्ग से जाना होता है। सीमावर्ती बेगूसराय जिला के होने के कारण बेगूसराय जिला के खोदाबंदपुर, छौराही, चेरिया बरियारपुर आदि प्रखंड के लोगों का भी बाजार के कार्य व चिकित्सीय कार्य से रोसड़ा आना-जाना हुआ करता है। जिससे 17 नम्बर गुमती पर ट्रैफिक का काफी बोझ रहा करता है।

हसनपुर सुगर मिल के चालू रहने पर ईख लदे ट्रक व ट्रैक्टर की आवाजाही भी दिन रात हुआ करती है। लोगों का मानना है कि आरओबी का निर्माण हो जाने पर ट्रैफिक का बोझ स्वत: खत्म हो जाएगा। आरओबी निर्माण की मांग विभिन्न सामाजिक संगठनों, प्रबुद्धजनों और राजनीतिक दलों के द्वारा की जा रही थी। बता दें कि समस्तीपुर रेल मंडल में कुल तीन आरओबी को स्वीकृति मिली है। जिसमें रोसड़ा गांधी चौक स्थित 17 ए का नाम रहने को लेकर शहरवासियों में हर्ष व्याप्त है।






