Samastipur

समस्तीपुर, पूर्णिया और वाराणसी में सिम बॉक्स गिरोह का भंडाफोड़, डाॅट और इओयू की संयुक्त छापेमारी में दो गिरफ्तार – सरगना फरार 

आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की साइबर विंग ने दूरसंचार विभाग की मदद से साइबर ठगी करने वाले बड़े गिरोह का बिहार और उत्तर प्रदेश में खुलासा किया है। इसमें समस्तीपुर, पूर्णिया और वाराणसी से अवैध सिम बॉक्स जब्त किये गये हैं। इस गिरोह के जरिये हजारों लोगों को रोजाना धोखाधड़ी वाले कॉल किये जा रहे थे। इन सिम बॉक्स डिवाइसों के माध्यम से इस गिरोह द्वारा एक सामानांतर टेलिफोन एक्सचेंज का संचालन किया जा रहा था। इसमें कंबोडिया, थाइलैंड, एवं अन्य देशों में अवस्थित साइबर स्कैम के अड्डों से विभिन्न हिस्सों के नागरिकों से बड़े पैमाने पर साइबर धोखाधड़ी की जा रही है।

मामला तब उजागर हुआ जब संचार साथी पोर्टल पर दर्ज साइबर शिकायतों की जांच में सामने आया कि मई 2025 में बीएसएनएल के 45 नंबरों से करीब 1.20 लाख कॉल ठगी के लिए की गयी। जांच में पता चला कि नेटवर्क का ठिकाना पहले समस्तीपुर था, फिर पूर्णिया के बायसी और बाद में वाराणसी शिफ्ट किया गया। गिरोह पहचान से बचने के लिए लगातार उपकरणों के आइएमइआई नंबर बदलता रहा। पाश एजेंट बना सप्लायर गिरोह को सिम कार्ड की सप्लाई मुन्ना कुमार नामक पाश एजेंट करता था।

उसने बीएसएनएल, वाआईएल और बीएएल के आउटलेट्स से अकेले 40 सिम बेचे। पुलिस जांच में अंजनी उर्फ नेताजी और चंद्रमौली सिंह की भूमिका भी सामने आयी। छापेमारी और बरामदगी 19 सितंबर को समस्तीपुर में छापा मारकर पुलिस ने मुन्ना कुमार और चंद्रमौली सिंह को धर दबोचा, लेकिन सरगना नेताजी सिमबॉक्स समेत भाग निकला। पूछताछ में चंद्रमौली ने वाराणसी में किराए के मकान में छिपे दूसरे सेटअप का राज खोला।

वहां 21 सितंबर को दबिश देकर सिम बॉक्स जब्त किया गया। इसके बाद 22 सितंबर को पूर्णिया के बायसी से कशिफ महफूज शेख के ठिकाने पर छापा मारकर एक और सिम बॉक्स बरामद किया गया। सरगना की तलाश फिलहाल गिरोह का मास्टरमाइंड अंजनी उर्फ नेताजी फरार है। पुलिस और इओयू की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई साइबर ठगों के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार है और आगे भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे।

क्या है सिम बॉक्स सिम बॉक्स :

एक अत्याधुनिक उपकरण का सेटअप जिसका उपयोग कर साइबर अपराधी देश-विदेश से अंतरराष्ट्रीय वीओआईपी कॉल को लोकल वॉयस कॉल में परिवर्तित करने में करते हैं। इसके माध्यम से वे डिजिटल अरेस्ट, इन्वेस्टमेंट फ्रॉड और अन्य तरिके से देश भर में साइबर फ्रॉड कर रहे हैं। साथ ही टेलीकॉम कंपनियों को बड़ी मात्रा में राजस्व की हानि पहुंचाते हैं। यदि आपके आसपास कोई सिम बॉक्स जैसा सेटअप संचालित हो रहा हो तत्काल इसकी सूचना तुरंत कॉल करके 1930 पर दें और साइबर के ईमेल आइडी cybercell-bih@nic.in पर दें।

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Avinash Roy

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