समस्तीपुर के इस अस्पताल में मरीज को बंधक बनाकर पैसे वसूलने के मामले में सिविल सर्जन ने 24 घंटे के भीतर मांगी रिपोर्ट

समस्तीपुर : शहर के मोहनपुर रोड स्थित यूनिटी इमरजेंसी हॉस्पिटल में महिला मरीज को बंधक बनाकर इलाज के नाम पर अतिरिक्त पैसे वसूलने के मामले में स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया और संबंधित अस्पताल से रिपोर्ट मांगी है। सिविल सर्जन ने अस्पताल प्रबंधन से पूरे मामले की वस्तुस्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया है। कार्यालय से जारी पत्र में कहा गया है कि कर्पूरीग्राम पंचायत के डढ़िया बेलार निवासी मजदूर राजेन्द्र पासवान की पत्नी सुमन देवी को प्रसव पीड़ा के बाद 2 सितंबर को उक्त अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
परिजनों का आरोप था कि सामान्य प्रसव के बावजूद अस्पताल ने महिला को एक सप्ताह तक बंधक बनाकर रखा और इलाज के नाम पर भारी-भरकम राशि की मांग की।परिजनों के हंगामे के बाद स्थानीय विधायक अजलान इस्लाम शाहीन एवं पुलिस के हस्तक्षेप से महिला मरीज को मुक्त कराया गया। सिविल सर्जन ने अस्पताल प्रबंधन से मरीज की भर्ती पंजी, रजिस्ट्रेशन, बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारण की व्यवस्था, चिकित्सकों व कर्मचारियों के नाम-पते एवं मानक प्रमाण पत्र की प्रतियां 24 घंटे के भीतर उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि यदि रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई जाती है तो अस्पताल के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

नवजात की मौत के बाद प्रसूता को बनाया था बंधक :
युनिटी इमरजेंसी अस्पताल पर आरोप है कि उसने महिला मरीज को एक सप्ताह से अधिक समय से रुपये के लिए बंधक बनाकर रखा गया। इस दौरान स्वजनों ने किसी तरह से 90 हजार रुपये की राशि अस्पताल प्रबंधन को दी लेकिन, इसके बाद भी उसे मुक्त नहीं किया गया। पैसों की व्यवस्था करने में असमर्थ होने बाद उसने विधायक से गुहार लगाई। इसके बाद विधायक ने पुलिस की मदद से पीड़िता को मुक्त कराया और उसे सदर अस्पताल में बेहतर उपचार के लिये भर्ती कराया। इस दौरान अस्पताल के डॉक्टर को विधायक ने जमकर फटकारा लगायी थी।
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