Samastipur

समस्तीपुर-खगड़िया रेलखंड पर पैसेंजर ट्रेनों के लिए लंबा इंतजार, लूज टाइमिंग से यात्रियों की बढ़ीं परेशानी

समस्तीपुर : पूर्व मध्य रेलवे के समस्तीपुर-खगड़िया रेलखंड का दोहरीकरण वर्षों से लंबित है। आमान परिवर्तन के बाद इस मार्ग पर एक्सप्रेस और सवारी गाड़ियों का परिचालन तो शुरू हुआ, लेकिन एकल लाइन होने के कारण यात्रियों की परेशानी ज्यों की त्यों बनी हुई है। हालत यह है कि मीटर गेज (छोटी लाइन) के दौर की तुलना में आज भी सफर उतना ही थकाऊ और समय लेने वाला है, कई बार तो उससे भी अधिक। एकल लाइन होने के कारण सवारी गाड़ियों को अधिक लूज टाइम दिया जाता है। अप ट्रेन के गुजरने पर डाउन ट्रेन को स्टेशन पर रोक दिया जाता है और डाउन ट्रेन के आने तक अप ट्रेन घंटों खड़ी रहती है।

राजधानी एक्सप्रेस समेत कई तेज गाड़ियां इसी रूट से होकर गुजरती हैं। ऐसे में पैसेंजर गाड़ियों को अक्सर साइडिंग पर खड़ा कर दिया जाता है। इस वजह से यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में अपेक्षा से कहीं अधिक समय लगता है। यात्रियों का कहना है कि समस्तीपुर जंक्शन से सुबह सात बजे के बाद खगड़िया के लिए सीधी ट्रेन दोपहर पौने एक बजे ही मिलती है। वहीं रुसेराघाट रेलवे स्टेशन से समस्तीपुर जाने के लिए सुबह 11 बजे के बाद दोपहर दो बजे ही ट्रेन उपलब्ध होती है।

इन घंटों के बीच यात्रियों को बेवजह इंतजार करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि रेलवे इस रेलखंड को मालगाड़ियों के लिए लूप लाइन की तरह इस्तेमाल कर रहा है। जबकि समस्तीपुर से रुसेराघाट व हसनपुर होकर खगड़िया जाने पर एक घंटे से अधिक समय की बचत होती है। हाल ही में समस्तीपुर मंडल की संसदीय समिति की बैठक में यह मुद्दा उठा तो रेल अधिकारियों ने सफाई दी कि सिंगल लाइन पर मेल और एक्सप्रेस गाड़ियों को प्राथमिकता दी जाती है, जिससे पैसेंजर ट्रेनों को लूज टाइमिंग देकर चलाना पड़ता है। लेकिन यात्रियों का मानना है कि जब तक इस रेलखंड का दोहरीकरण नहीं होता, तब तक इस मार्ग का समुचित विकास संभव नहीं है।

लूज टाइमिंग से यात्रियों की बढ़ी परेशानी :

समस्तीपुर-खगड़िया वाया रुसेराघाट व हसनपुर जंक्शन रेलखंड पर लूज टाइमिंग अब यात्रियों के लिए सबसे बड़ी समस्या बन चुकी है। इस मार्ग पर अप और डाउन की वास्तविक रनिंग टाइमिंग जहां डेढ़ घंटे से अधिक नहीं होनी चाहिए, वहीं रेल मंडल द्वारा शेड्यूल बढ़ाकर चार घंटे का कर दिया गया है। इसका नतीजा यह है कि इस रूट की लगभग सभी ट्रेनों को घंटों विभिन्न स्टेशनों पर रोका जाता है और यात्री अनावश्यक विलंब से परेशान रहते हैं। वरिष्ठ लोक मंच के सचिव रामेश्वर पूर्वे, रोसड़ा चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष केके लखोटिया, व्यवसायी संघ के विनोद देव, सर्राफा व्यवसायी संघ के मनोज ठाकुर, युवा नेता वैभव रंजन, जननेता मिश्रा विश्व बारूद, विजय मिश्रा, पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष श्यामबाबू सिंह, सुरेंद्र सिंह मुन्ना, अनिल कुमार महतो, धर्मेंद्र कुमार, लक्ष्मण पासवान सहित कई स्थानीय प्रतिनिधियों ने कहा कि यह स्थिति बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

बोले जिम्मेदार :

समस्तीपुर-खगड़िया रेलखंड का दोहरीकरण हमारी प्राथमिकताओं में शामिल है, हमने रेल मंत्री को भी पत्र लिखा है। सिंगल लाइन के कारण ट्रेन संचालन में विलंब हो रहा है, परंतु यात्रियों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है। रुसेराघाट स्टेशन के विकास व नई ट्रेनों के ठहराव की मांग रेलवे बोर्ड से की गयी।

-शांभवी चौधरी, सांसद, समस्तीपुर

Avinash Roy

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