EOU की टीम ने इंजीनियर के आवास का ताला तोड़कर ली तलाशी, कई दस्तावेज व फाइल जब्त, ठेकेदारों से भी पार्टनरशिप के मिले सबूत

समस्तीपुर : आर्थिक अपराध इकाई ने बुधवार को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता विवेकानंद के ठिकानों पर छापेमारी की। दस सदस्य टीम ने समस्तीपुर में विद्युत अधीक्षण अभियंता के नगर थाना क्षेत्र के चीनी मिल चौक स्थित कार्यालय और मुसरीघरारी थाना क्षेत्र के वास्तु बिहार स्थित निजी आवास के अलावे पटना और सिवान स्थित कुल छह ठिकानों पर एक साथ यह कार्रवाई की। समस्तीपुर में करीब चार घंटो से अधिक कारवाई चली।
इधर छापेमारी की भनक मिलते ही कारवाई से पहले अधीक्षण अभियंता फरार हो गये। टीम ने उनके कार्यालय में छापेमारी के दौरान कुछ फाइल जब्त की, वहीं वास्तु बिहार स्थित निजी आवास फेज-1, रोड नंबर-8 बंगला नंबर जेडब्लू-06 पर ताला लगे होने के बाद मजिस्ट्रेट के रूप में सीओ सलोनी कर्ण व मुसरीघरारी थानाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह की मौजूदगी में आवास का ताला तोड़कर उसमें प्रवेश किया गया।

इस दौरान पूरी घटनाक्रम की वीडियो ग्राफी भी की गई। अधीक्षण अभियंता के आवास के भीतर करीब चार घंटे तक टीम छापेमारी में जुटी रही। इस दौरान कई फाइलों को खंगाला गया। टीम ने छापेमारी समाप्त कर विद्युत अधीक्षण अभियंता के आवास को मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में सील कर पटना के लिए रवाना हो गयी। इस दौरान टीम ने झोले में कुछ सामान और फाइल भी जब्त की।
हालांकि इस दौरान आर्थिक अपराध इकाई की टीम ने पत्रकारों को कुछ भी बताने से इंकार कर दिया। आर्थिक अपराध इकाई की टीम एक उजले और लाल रंग का झोला लेकर अंदर से निकली। इसमें कई सामान थे। जानकारी के अनुसार तलाशी के दौरान मकान और कार्यालय से कई दस्तावेज, संपत्ति-जमीन संबंधी कागजात, बैंक डिटेल, पासबुक इत्यादी पुलिस ने जब्त किये है। हांलाकि छापेमारी के दौरान टीम को क्या कुछ बरामद हुआ, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इधर ईओयू की इस कार्रवाई को जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है।


78 प्रतिशत अधिक अवैध संपत्ति अर्जित करने का आरोप :
विद्युत अधीक्षण अभियंता विवेकानंद पर आय से पौने तीन करोड़ रुपये यानी करीब 78 प्रतिशत अधिक अवैध संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। आरोप के अनुसार विवेकानंद ने अपनी वैध आय 2 करोड़ 74 लाख रुपये के मुकाबले 4 करोड़ 87 लाख 345 रुपये मूल्य की परिसंपत्ति अर्जित की है। इनके उपर आर्थिक अपराध थाना कांड संख्या 27/2025 इसी 23 सितंबर 2025 को दर्ज की गई थी। इस मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा-13 (2) और 13 (1)(बी) भ्रष्ट्राचार निवारण अधिनियम 1988 संशोधित-2018 के प्रावधान लागू किए गए हैं।

विद्युत अधीक्षण अभियंता विवेकानंद के छह ठिकानों पर छापेमारी में कई अहम दस्तावेज हाथ लगे हैं। अधीक्षण अभियंता द्वारा एचडीएफसी बैंक में मेसर्स आया इंटर प्राइजेज एवं मेसर्स ग्रेस इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड डेवेलपर्स के नाम पर बैंक खाता खोला गया है। इसमें उनकी पत्नी बॉबी का पैन कार्ड नंबर जुड़ा हुआ है। इसके अतिरिक्त एचडीएफसी बैंक में ही ललन सिंह और विसर्जन सिंह के नाम से खुले दो बैंक खातों में उनका मोबाइल नंबर एवं ई-मेल आइडी जुड़ा है। इन बैंक खातों में विवेकानंद के पदस्थापन स्थल से बड़ी मात्रा में नगद व यूपीआई के माध्यम से राशियां जमा करायी गयी है। यह राशि बाद में स्वयं, अपनी पत्नी अथवा खोले गये व्यसायिक प्रतिष्ठान के बैंक खाते में विवेकानंद ने ट्रांसफर की है।
विवेकानंद सीवान के रघुनाथपुर थाना अंतर्गत संठी गांव के मूल निवासी हैं। इसके अतिरिक्त सीवान के रसीदचक में भी इन्होंने एक चार मंजिला मकान खरीद रखा है। विवेकानंद ने वर्ष 2009 में सहायक विद्युत अभियंता के पद पर योगदान दिया। वे सहरसा, दलसिंहसराय, हाजीपुर, मोतिहारी, पूर्णिया, छपरा, रोहतास एवं पटना में भी पदस्थापित रहे हैं।
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