समस्तीपुर में इंजीनियर विनोद राय के दो ठिकानों पर EOU की छापेमारी जारी, 100 करोड़ रुपये मूल्य की चल-अचल संपत्ति होने का अनुमान

ग्रामीण कार्य विभाग में कार्यरत इंजीनियर विनोद राय के समस्तीपुर स्थित दो ठिकानों पर गुरुवार की सुबह आर्थिक अपराध इकाई यानी की EOU टीम ने एक साथ छापेमारी की। छापेमारी की कार्रवाई मुफस्सिल थाना क्षेत्र के आदर्शनगर मुहल्ला और हसनपुर थाना क्षेत्र के खरहिया स्थित उनके आवास पर अब भी जारी है। छापेमारी के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए दोनों घरों के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है।
बताया जा रहा है कि इससे पहले अगस्त महीने में भी विनोद राय के पटना, हसनपुर अन्य आवास पर छापेमारी की गई थी। उसी दौरान उन्हें और उनकी पत्नी को लाखो रुपये नोट जलाने और सबूत नष्ट कर सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। EOU की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के अनुसार इंजीनियर विनोद राय के पास लगभग 100 करोड़ रुपये मूल्य की चल-अचल संपत्ति होने का अनुमान है।

इसके लेकर लगातार अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी जारी है। वह मूल रूप से समस्तीपुर जिले के हसनपुर प्रखंड के खरहिया गांव के रहने वाले हैं और टीका लाल के नाम से चर्चित हैं। लोगो की मानें तो इंजीनियर साहब के पिता स्व.रामचंद्र राय गांव के मध्यम वर्गीय किसान थे। चार भाइयों में सबसे छोटे विनोद कुमार राय पालीटेकनिक की परीक्षा पास कर कनीय अभियंता बने। उसके बाद से धीरे-धीरे परिवार का आर्थिक उत्थान नजर आने लगा।

समृद्धि में चार चांद लग गया। बीते एक दशक में अकुत संपत्ति अर्जन करना बताया जाता है। इसमें दूधपुरा पंचायत अंतर्गत खरहिया वार्ड नंबर 15 में बना सभी सुविधाओं से लैश चार मंजिला आलीशान मकान तथा गांव में बड़ा बड़ा गोदाम तथा करोड़ों की जमीन खरीद करने के साथ दुधपुरा-सिंघिया पथ पर नव निर्मित पेट्रोल पंप भी इंजीनियर विनोद राय का ही बताया जाता है। वहीं रोसड़ा में भी करीब पांच एकड़ जमीन के साथ साथ यूआर कालेज से पूर्व निर्माणाधीन एक बड़ा मकान भी उन्हीं का बताया जा रहा है। इसके अलावा समस्तीपुर आदर्शनगर में बड़ा आवासीय भवन भाड़े पर लगा है जहां आज छापेमारी चल रही है। तथा मुजफ्फरपुर, पटना एवं अन्य शहरों में भी अपना मकान होने की चर्चा है। इधर गुरुवार की दोपहर तक छापेमारी जारी है।






