Samastipur

किसान व्यावसायिक रूप से गिलोय की खेती कर प्राप्त कर सकते हैं बेहतर लाभ, बाजार में भी अधिक डिमांड

समस्तीपुर/पूसा : गिलोय के जड़, तना एवं पत्तियों का उपयोग प्राचीन काल से औषधियों के रूप में किया जाता रहा है। गिलोय एक बहू वर्षीय लता है तथा इसे प्रायः लोग अमृता, गुरबेल आदि नाम से जानते है। गिलोय मौजूदा समय की महामारी कोरोना के प्रकोप को भी कम करने में काफी लाभकारी हैं। किसान व्यवसायिक रूप से गिलोय की खेती कर बेहतर लाभ अर्जित करने के अलावे पर्यावरण का संरक्षण और लोगों की सेहत को बेहतर बनाने का काम कर सकते हैं। ये जानकारी डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा के कृषि वैज्ञानिक एवं अखिल भारतीय औषधीय एवं सुगंध परियोजना के मुख्य अन्वेषक डॉ. दिनेश राय ने दी है।

उन्होंने कहा कि भारत में औषधीय पौधों की खेती और उसके उपयोग का इतिहास काफी प्राचीन है। औषधीय पौधों के उपयोग का वर्णन ऋग्वेद में भी मिलता है। उन्होंने कहा कि औषधीय पौधों में गिलोय काफी प्रमुख है जिसकी मांग कोरोना वायरस जैसी महामारी में काफी बढ़ गई है। यह एक बहुवर्षीय लता होती है जो घर के आसपास या बाग बगीचों में पेड़ पर देखी जा सकती है। गिलोय में अमृत के समान गुण होने के कारण इसे लोग अमृता भी कहते हैं।

उन्होंने बताया कि आयुर्वेद साहित्य में गिलोय को ज्वर की एक महान औषधि माना गया है जिस वजह से लोग इसे जीवंतिका भी कहते है। कृषि वैज्ञानिक ने बताया कि गिलोय की खेती दोमट मिट्टी से लेकर रेतीली, बंजर और पथरीली सभी प्रकार की भूमि में की जा सकती है। उन्होंने बताया कि किसान जून जुलाई माह के दौरान 6 से 8 इंच तक के दो गांठो वाले गिलोय के डंठलों की कटाई कर इसे अपने खेतों में लगा सकते हैं। उन्होंने बताया कि एक हेक्टेयर भूमि में गिलोय की खेती करने के लिए किसानों को 2500 कलमों की जरूरत पड़ती है।

इन समस्याओं से छुटकारा दिलाने में है लाभकारी औषधीय विभाग से जुड़े कृषि वैज्ञानिक ने बताया की गिलोय के प्रयोग से जहां शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी अधिक बढ़ जाती है। वहीं गिलोय डेंगू, स्वाइन फ्लू और मलेरिया जैसे कई तरह के बुखारो को भी उतारने में काफी लाभकारी है। इतना ही नहीं गिलोय मधुमेह, गैस या पेट की अन्य बीमारी, गठिया रोग, आंख व कान के रोग, बवासीर, पीलिया आदि जैसे रोगों को भी दूर करने में काफी मददगार साबित होता है। उन्होंने बताया कि लोग गिलोय का सेवन सुबह खाली पेट आसानी से कर सकते हैं।

Avinash Roy

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