तीन हत्यारों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा, ह’त्या कर लाश छुपाने के मामले में कोर्ट ने सुनाया फैसला

समस्तीपुर/दलसिंहसराय : जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश शशिकांत राय के न्यायालय ने बुधवार को हत्या कर लाश छुपाने के मामले में उजियारपुर थाना के रामचन्द्रपुर अंधैल गांव के श्रीकृष्ण राय, जयकिशुन राय एवं महेंद्र राय को धारा 302 में दोषी पाते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनायी है। साथ ही 50-50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनायी। धारा 201 भादवि में दोषी पाकर 5 वर्ष सश्रम कारावास साथ प्रत्येक अभियुक्तों को 25 हजार रुपये का अर्थदंड दिया गया। एक अन्य अभियुक्त तृप्ति नारायण चौधरी उर्फ बिकाऊ चौधरी को कोर्ट ने समुचित साक्ष्य के अभाव में पूर्व में ही रिहा कर दिया था।
एपीपी अरुण कुमार सिन्हा ने बताया कि कांड के सूचक उजियारपुर थानांतर्गत रामचन्द्रपुर अंधैल गांव वासी ने 24 मई 2002 को पुलिस को बयान दिया कि वादी तीनों भाई ग्रामीणों के साथ अपने दरवाजे पर बैठे हुए थे। तभी अभियुक्त तिरपित नारायण चौधरी उर्फ बिकाऊ चौधरी, महेंद्र राय, जयकिशुन राय एवं श्रीकृष्ण राय वादी के दरवाजे पर आये और सूचक के बड़े भाई रामचन्द्र राय को जमीन की बिक्री व हिसाब-किताब का बहाना बनाकर अपने साथ ले गये।

काफी देर बाद जब रामचन्द्र राय घर वापस नहीं आये तो सूचक सपरिवार काफी खोजबीन की। दूसरे दिन सुबह गांव के ही आम एवं शीशम के बगीचे के गड्ढे में उसका का शव मिला। मृतक के गले में रस्सी का फंदा का काला दाग व आंख के चारों ओर नुकीली चीज से नाक, बदन पर घोंपा पाया। वादी ने कहा कि जमीनी विवाद को लेकर इनके बड़े भाई की हत्या कर शव छुपाया गया। घटना को लेकर अभियुक्तों के विरुद्ध उजियारपुर थाना कांड संख्या 26/2002 दर्ज किया गया।

वाद की सुनवाई करते हुए न्यायालय ने पूर्व में दोषी करार तीनों अभियुक्तों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई। सभी सजाएं साथ- साथ चलेगी। कारा में बिताये अवधि को सजा में समायोजित किया जायेगा। अर्थदंड की राशि अदा नहीं करने पर एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतने का कोर्ट ने आदेश दिया। वहीं धारा 357 दप्रसं के तहत जुर्माने की कुल राशि का 80 प्रतिशत मृतक के आश्रितों को देने का आदेश दिया गया है।






