रक्षाबंधन के आसपास डाकघरों में साफ्टवेयर अपडेट, लोगों ने कहा- “कुरियर कंपनियों को लाभ पहुंचाने की साजिश तो नहीं”

समस्तीपुर : हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी काफी संख्या में बहनों-भाइयों ने डाक घरों से राखी भेजने का प्रयास किया, लेकिन एक अगस्त से साफ्टवेयर अपडेट के नाम पर स्पीड पोस्ट और निबंधित डाक बंद कर दिया गया। इसके कारण इस बार जिले के हजारों बहनों का रिश्ता डाकघरों से टूट गया। भाई-बहन के पवित्र रक्षा बंधन पर्व के अवसर पर बहनें अपनी भाई के पास डाक घरों से राखी नहीं भेज सकीं।
राखी के समय डाकघरों से स्पीड पोस्ट नहीं होने पर उठे सवाल
राखी के समय डाकघरों से रजिस्ट्री, स्पीड पोस्ट नहीं होने पर सवाल उठ रहा है, आखिर विभाग ने यह समय ही क्यों चुना। राखी लेकर डाकघरों का चक्कर काट रहीं सुष्मिता कुमारी , मंजू कुमारी ने बताया कि डाक विभाग का यह काम कहीं कुरियर और आनलाइन बाजार को बढ़ावा देने की साजिशस तो नहीं है। कहा कि राखी के समय डाकघरों में विभिन्न प्रकार के वाटर प्रूफ लिफाफा आता था। उसमें टिकट भी नहीं लगता था। सीधे पोस्ट या स्पीड पोस्ट हो जाती थी, विभाग इसका प्रचार-प्रसार भी करता था, लेकिन इस बार राखी के समय ही डाकघरों में स्पीड पोस्ट और निबंधित डाक का काम बंद कर दिया।

अभी सोमवार से मंगलवार तक भी यही स्थिति बने रहने की बात कही जा रही। इसके चलते बहनें आनलाइन से ही भाइयों को राखी भेज दी। जो बहनें 30 या 31 या उससे पहले डाक घरों से राखियां भेजी वे इस इंतजार में हैं कि उनके भाई को कब राखी मिलेगी। नया साफ्टवेयर नहीं आने से जिले के विभिन्न डाकघरों में हजारों राखियां आ चुकी हैं। लेकिन उसका वितरण भी नहीं पा रहे।






