समस्तीपुर की मेयर ने नगर विकास मंत्री से विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन पर से रोक हटाने की मांग की

समस्तीपुर : नगर निगम, समस्तीपुर क्षेत्र अंतर्गत विभागीय योजनाओं के अंतर्गत 15 लाख तक की स्वीकृत योजनाओं का कार्य, अपर निदेशक के आदेश के आलोक में प्रारंभ किया गया था। लेकिन तकनीकी संधारण व तंत्र में कमियों के कारण निविदा की प्रक्रिया बाधित रही, जिससे योजनाओं का क्रियान्वयन प्रभावित हुआ। परिणामस्वरूप आमजन को नालियों एवं सड़कों की जर्जर स्थिति के कारण अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
महापौर अनिता राम ने नगर विकास मंत्री जीवेश कुमार से मिलकर योजनाओं के क्रियान्वयन पर लगी रोक को हटाने की मांग की है। इस आशय का मांगपत्र सौंपते हुए उन्होंने कहा कि नगर परिषद समस्तीपुर से नगर निगम समस्तीपुर का उत्क्रमण 3 मार्च 2021 को हुआ था जिसके कारण व्यवस्थागत रूप से नगर निगम के गठन के बाद प्रारंभिक कठिनाइयां सामने आईं।

ऐसी स्थिति में नगर क्षेत्र की दशा सुधारने के लिए जब कुछ योजनाएं आगे बढ़ने लगीं, तभी तत्कालीन नगर आयुक्त के आदेश द्वारा विभागीय योजनाओं पर रोक लगा दी गई। इस आदेश से सभी कार्य पूर्णतः ठप हो गए हैं। ना तो निविदा द्वारा योजनाएं आगे बढ़ पा रही हैं, और ना ही विभागीय स्तर पर कार्यान्वयन संभव हो रहा है। इससे आम नागरिकों में भारी असंतोष व्याप्त है।

नगर निगम परिसर की तालाबंदी, धरना-प्रदर्शन जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। इससे संबंधित समाचार-पत्रों की छायाप्रति संलग्न की जा रही है। इस प्रकार समस्त नगर निगम क्षेत्र अव्यवस्थित हो गया है। महापौर अनिता राम ने अनुरोध किया कि अपर निदेशक को निर्देशित कर विभागीय योजनाओं के कार्यों पर लगाई गई रोक को अविलंब हटाया जाए, ताकि छोटी-छोटी नालियों एवं गलियों के निर्माण कार्य प्रारंभ हो सकें और आम जनता को राहत मिल सके।





