समस्तीपुर में श्रद्धा व उल्लास के साथ मनाया गया श्री गुरु ग्रंथ साहिब का प्रकाश पर्व

समस्तीपुर : शहर के मारवाड़ी बाजार स्थित गुरुद्वारा साहिब में श्री गुरु ग्रंथ साहिब का प्रकाश पर्व पूरे श्रद्धा, उल्लास और धार्मिक आस्था के साथ मनाया गया। सुबह से ही गुरुद्वारा परिसर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। श्रद्धालु गुरु के दर पर माथा टेकते हुए सुख-शांति और समृद्धि की कामना करते रहे। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पपिंदर सिंह और हरजीत सिंह ने सभी श्रद्धालुओं को प्रकाश पर्व की शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब का प्रकाश पर्व सिख धर्म का सबसे प्रमुख पर्व है, जो हमें जीवन में सत्य, ज्ञान और सेवा का मार्ग दिखाता है। जिस प्रकार सूरज अंधकार को मिटाता है, उसी तरह गुरु ग्रंथ साहिब का उपदेश अज्ञानता और दुखों का नाश करता है। इस अवसर पर गुरुद्वारा साहिब में विशेष कीर्तन दरबार का आयोजन किया गया। भाई सुरजीत सिंह, हरदमन सिंह और तरविंदर सिंह ने अपनी मधुर वाणी और शब्द-कीर्तन से संगत को निहाल किया। कीर्तन के दौरान पूरा वातावरण आध्यात्मिक भाव और गुरु-भक्ति में डूब गया।

कार्यक्रम के बाद गुरु का लंगर भी लगाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। सभी ने सामूहिक रूप से बैठकर गुरु का लंगर ग्रहण किया, जो सिख धर्म की समानता, भाईचारा और सेवा भावना की मिसाल प्रस्तुत करता है। इस अवसर पर जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए सिख श्रद्धालुओं के साथ-साथ अन्य धर्मों के लोग भी शामिल हुए। प्रकाश पर्व के मौके पर गुरुद्वारा परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। चारों ओर भक्ति, श्रद्धा और गुरु के उपदेशों की गूंज ने माहौल को और अधिक पवित्र बना दिया।







