समस्तीपुर : पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर एडीजी डॉ. कमल किशोर सिंह ने गुरुवार को समस्तीपुर में पुलिस के कामकाज की समीक्षा की। सबसे पहले वह सर्किट पहुंचे जहां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद एडीजी पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे जहां उन्होंने जिले के सभी एसडीपीओ व डीएसपी के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान डीआईजी डॉ. स्वप्ना गौतम मेश्राम और एसपी अरविंद प्रताप सिंह मौजूद रहे।
समीक्षा बैठक को लेकर समस्तीपुर पहुंचे एडीजी कमल किशोर ने बैठक समाप्ति के बाद बताया कि पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर इससे पहले भी वह 31 जनवरी को समस्तीपुर पहुंचे थे। उस दौरान पुलिस पदाधिकारियों को कई दिशा-निर्देश दिये गये थे। उसी को लेकर समीक्षा की गयी कि उन दिशा-निर्देशों का कितना पालन किया गया। इसके अलावे आगामी बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर पुलिस प्रशासन की तरफ से तैयारियां की जा रही हैं, उसकी भी समीक्षा की गयी।
एडीजी ने बताया कि जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आता है, वैसे-वैसे कुछ अपराध भी बढ़ते है। क्षेत्रों में अलग तरह के अपराध होते है, उन पर कैसे सक्षम नियंत्रण हो और कैसे उन अपराधों को नियंत्रित कर सके ताकि एक भय मुक्त माहौल चुनाव के लिए बन सके इसके लिए भी रिब्यू किया गया। इस दौरान मुख्यालय डीएसपी केके दिवाकर, लाइन डीएसपी सुनिल कुमार सिंह, सदर एसडीपीओ-1 संजय कुमार पांडेय, सदर एसडीपीओ-2 विजय महतो, दलसिंहसराय एसडीपीओ विवेक कुमार शर्मा, पटोरी एसडीपीओ बीके मेधावी, रोसड़ा एसडीपीओ सोनल कुमारी, ट्रैफिक डीएसपी आशीष राज व साइबर डीएसपी दुर्गेश दीपक मौजूद रहे।
एडीजी ने बताया कि समीक्षा बैठक के दौरान एसपी को अपराध नियंत्रण के लिये विशेष दिशा-निर्देश दिये गये। उन्हें शहर का नक्शा बनाकर उसके हिसाब से शहर की नाकेबंदी कर समय-समय पर ड्रील एक्सरसाइज चलाने का निर्देश दिया गया। इसके अलावे पदाधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय करने को लेकर उन्हें बैठक करने के लिये कहा गया है।
कल्याणपुर थाना क्षेत्र के मुक्तापुर में विगत वर्ष दिसंबर महीने में हुए दोहरे हत्याकांड को लेकर पूछे गए सवाल पर एडीजी ने बताया कि इस मामले की भी समीक्षा एसपी के साथ की गई है और अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिये उन्हें निर्देश दिया गया हैं। उन्होंने बताया कि कानून अपना काम करेगा और दोषियों को जल्द से जल्द न्याय के दायरे में लाया जाएगा। एसपी को प्राथमिकता के तौर पर डबल मर्डर कांड की गुत्थी सुलझाने को लेकर दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
बता दें कि डबल मर्डर कांड के 6 महीने से अधिक समय बीत चुके हैं, बावजूद पुलिस के लिये यह हत्याकांड गुत्थी बनी हुई है। सीसीटीवी में तीनों सुपारी किलर की तस्वीर भी सामनें आयी थी, बावजूद इसके अब तक तीनों किलरों की पहचान नहीं हो सकी है। वहीं इस हत्याकांड को किस लिये अंजाम दिया गया था यह भी पुलिस अब तक पता नहीं लगा सकी है।
घटना के वक्त एक मात्र जिंदा बचे सुधीर मधान को हत्याकांड के तीन महीने बाद पुलिस ने गुपचुप तरीके से जेल भेज दिया था। इस घटना में सुधीर मधान की क्या भूमिका थी, पुलिस ने इसे भी स्पस्ट नहीं किया था। इसके बाद सुधीर मधान ने हाईकोर्ट से बेल ले लिया। डबल मर्डर कांड समस्तीपुर पुलिस के लिये चुनौती बनी हुई है।
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