समस्तीपुर : निगरानी विभाग की टीम ने शनिवार की दोपहर बड़ी कार्यवाही करते हुए महिला थानाध्यक्ष पुतुल कुमारी को 20 हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोप में रंगे हाथों थाना परिसर से ही गिरफ्तार किया। निगरानी की टीम ने महिला थाने में थानाध्यक्ष पुतुल कुमारी के अलावे उसके चालक गुड्डू कुमार को भी गिरफ्तार किया है।
इस संबंध निगरानी विभाग के डीएसपी राजेश कुमार ने बताया कि मुफस्सिल थाना क्षेत्र के छतौना गांव निवासी राजीव रंजन सिंह ने निगरानी थाने को शिकायत किया था कि उनके गांव की एक महिला द्वारा महिला थाने में मारपीट का एक आवेदन दिया गया था। बिना केस दर्ज किए थानाध्यक्ष ने नोटिस भेजकर राजीव को थाने बुलाया और पूछताछ की।
इस दौरान मामला को सेटल करने के लिए चालक गुड्डू कुमार के माध्यम से 40 हजार रुपए की मांग की। हालांकि, मान-मनौवल के बाद 20 हजार पर बात बनी। इस दौरान राजीव रंजन सिंह ने निगरानी विभाग को इसकी शिकायत कर दी थी। शनिवार को उसी राशि को देने के लिए राजीव महिला थाने पहुंचा था। इधर तय समय के अनुसार निगरानी की टीम ने भी जाल बिछाया और दोनों को थाने परिसर से ही रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।
पीड़ित राजीव रंजन सिंह ने बताया कि उनके गांव की पूजा कुमारी नामक महिला उन्हें लगातार परेशान करती थी और उसने महिला थाने में उसपर फर्जी केस कराने को लेकर आवेदन दिया। महिला थानाध्यक्ष ने उन्हें 1 जुलाई को नोटिस देकर बुलाया, लेकिन वह पत्र उन्हें 7 जुलाई को मिला। जब वह 8 जुलाई को थाने पहुंचे, तो उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया, और कहा गया की आप पर रेप केस हो रहा है। इसके बाद मामले को रफा-दफा करने के लिए उन्हें चालक से बात करने को कहा गया। चालक द्वारा उनसे 40 हजार रुपये की मांग की गई, लेकिन बाद में मामला 20 हजार पर तय हुआ। इसके बाद पीड़ित ने थाने में ही बोर्ड पर लगे निगरानी विभाग का नंबर नोटकर उसपर शिकायत दर्ज करा दिया।
2018 बैच की सब-इंस्पेक्टर पुतुल कुमारी मूल रूप से पूर्वी चंपारण की रहने वाली है। उसकी पहली ज्वाइनिंग समस्तीपुर जिले में ही हुई थी। जिले के विभिन्न थानों में रहने के बाद करीब डेढ़ वर्ष पहले उसे महिला थानाध्यक्ष बनाया गया था। हाल ही में 12 जुलाई को डीआईजी डॉ. स्वप्ना गौतम मेश्राम ने विधानसभा चुनाव के मद्देनजर जिले में पांच वर्ष से अधिक समय रहने के कारण पुतुल कुमारी का ट्रांसफर मधुबनी जिला कर दिया था। कुछ ही दिनों में उसे मधुबनी जिले में योगदान देना था, उससे पहले ही उसे घूस लेते थाना परिसर से ही रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया। अचानक हुई कार्रवाई के बाद पुलिस कर्मियों में हड़कंप मच गया। इसके बाद निगरानी टीम दोनों आरोपित को गिरफ्तार कर पटना ले गई।
वर्ष 2021 के नवंबर महीने में मथुरापुर थाना (उस समय ओपी) के तत्कालीन थानाध्यक्ष संजय कुमार सिंह और वारिसनगर के सीओ संतोष कुमार को भी निगरानी विभाग की अलग-अलग टीम ने एक समय में ही अपने-अपने कार्यालय से गिरफ्तार किया था। थानाध्यक्ष को 25 हजार और सीओ को 20 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा गया था। दोनों एक जमीन को लेकर रिश्वत की मांग की थी। निगरानी की टीम को देखते ही थानाध्यक्ष ने भागने का भी प्रयास किया था। लेकिन निगरानी की टीम ने तत्कालीन थानाध्यक्ष को खदेड़कर दबोच लिया था।
वहीं वर्ष 2021 के ही फरवरी महीने में सरायरंजन थाना में पदास्थापित जमदार उमेश सिंह को एक केस के पीड़ित से तीस हजार रूपये की राशि रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया था। थाना में जब्त एक स्कार्पियो को छोड़ने के एवज में मथुरापुर के रहने वाले वाहन मालिक वसीम से 30 हजार रुपये रिश्वत की मांग की गई थी। हाल ही में इसी वर्ष 2025 मई महीने में सदर अस्पताल के हेल्थ मैनेजर विश्वजीत आनंद को भी निगरानी की टीम ने शव वाहन के चालक से चार हजार रूपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। इससे पहले भी निगरानी विभाग की ओर से जिले में कई कारवाई की जा चुकी है।
सदर एसडीपीओ-1 से जानकारी ली जा रही है, रिश्वत लेते पुलिसकर्मी के पकड़े जाने पर जो भी विभागीय कार्रवाई होती है वह की जाएगी।
अरविंद प्रताप सिंह,
एसपी समस्तीपुर
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