समस्तीपुर: राजमिस्त्री का शव घर पहुंचते ही परिजनों में मचा कोहराम, 8 वर्षों से सोनीपत में करता था काम

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समस्तीपुर/विभूतिपुर [केशव बाबू] :- विभूतिपुर थाना क्षेत्र के कर्रख भवंदा गांव में शनिवार को एक राजमिस्त्री का शव पहुंचते ही गांव में कोहराम मच गया। शव घर पहुंचते ही परिजनों में चीत्कार मच गया। पूरा गांव में मातमी सन्नाटा छा गया। मृतक राजमिस्त्री की पहचान भावंडा वार्ड संख्या-7 निवासी रामेश्वर राम के 65 वर्षीय पुत्र अकलू राम के रूप में किया गया है।
घटना के बारे में बताया जाता है कि अकलूराम करीब 8 वर्षों से गांव के ही ठेकेदार नवीन महतो व शंभू दास के साथ सोनीपत में राजमिस्त्री का काम करता था। वहीं सीढ़ी से नीचे गिरने के क्रम में अकलू राम घायल हो गया, जिसे आनन-फानन में लोगों ने सोनीपत के अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत्य घोषित कर दिया।

वहीं ठेकेदार नवीन महतो ने बताया कि अकलू राम सीढ़ी पर चढ़ने के क्रम में चक्कर खाकर गिर गया। गिरते ही उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत्य घोषित कर दिया। वहीं सोनीपत से एंबुलेंस से शव घर पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मचा हुआ है, परिजनों का आरोप है कि ठेकेदार सही समय से अकलू राम का समुचित इलाज नहीं करवाया जिस कारण उसकी मौत हो गई है। इधर सोनीपत से शव घर पहुंचते ही घर पर लोगों की भीड़ जुट गई।

तीन बेटी व एक बेटा के सिर से उठ गया पिता का साया, अकलू के कमाई से ही चलता था घर :
अकलू के मौत हो जाने से उनके परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट गया है, तीन बेटी व एक बेटा के सिर से पिता का साया उठ गया है। उसकी मौत के बाद परिवार में मातम छा गया है।उसकी पत्नी गीता देवी रोते हुए बार-बार बेहोश हो रही थी। अकलू राम की तीन बेटी खुशबू, रजनी, निगम व बेटे सत्यम के सिर से पिता का साया उठ गया है। अकेले अकलू राम के कमाई से ही उसके परिवार का भरण पोषण होता था। अकलू के मौत हो जाने से परिवार में दुखों का पहाड़ टूट गया है।





