समस्तीपुर : शहर में सुरक्षा और अपराध की रोकथाम में अहम भूमिका निभाने वाली तीसरी आंख यानी सीसीटीवी कैमरे लंबे समय से बंद है। अपराधियों को पकड़ने के लिए चौक-चौराहों में लगाए गए सीसीटीवी कैमरे महज शो पीस बना हुआ हैं, क्योंकि पिछले कुछ वर्षों से इंस्टाल कैमरे आज भी बंद पड़े हुए हैं, लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। इसके लिए नगर थाना के वायरलेस भवन में लगे यंत्र धूल फांक रहे हैं। इस पर किसी का ध्यान ही नहीं है।
हालत यह है कि अगर इन चौराहों पर कोई बड़ी घटना हो जाए तो पुलिस को दुकानों व आवासीय परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों का सहारा लेना पड़ता है। बता दें कि शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर जनसहयोग से निगहबानी के लिये सीसीटीबी कैमरा लगाया गया था जो वर्षों से खराब पड़ा हुआ है।
विभागीय जानकारी के अनुसार शहर भर में जनसहयोग से 63 और दरभंगा की एक प्रचार एजेंसी द्वारा 32 कैमरे लगाए गए थे, ताकी तीसरी आंख से शहर की निगहबानी हो सके। लेकिन मेंटनेंस के आभाव में लगभग सभी कैमरे खराब हो चुके हैं। कई स्थानों से तो कैमरा भी गायब हो चुका है। कैमरा खराब होने की वजह से अपराधी क्राइम करके निकल जाते हैं और पुलिस लकीर पीटती रह जाती है।
बीते कुछ वर्ष में शहर में बड़ी लूट, चोरी व छिनतई की घटनाएं हो चुकी है। घटना घटित होने के बाद पुलिस को निजी मकान व दुकानों पर लगे सीसीटीबी कैमरे के फुटेज के लिए कैमरा धारकों के यहां दौड़ लगाना पड़ता है। हाल ही में काशीपुर स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र से डकैती के बाद पुलिस अपराधियों की पहचान के लिए निजी भवन व दुकानों में वीडियो फुटेज के लिए दौड़ लगाती रही।
रिपोर्ट के मुताबिक सीसीटीवी कैमरे के इंस्टालेशन और सेटअप फर्नीचर, माॅनीटर, डीवीआर सहित अन्य सामानों के लिए लाखों रूपये खर्च किए गए थे, लेकिन जिले के चौक-चौराहों पर लगे कैमरे मेंटनेंस के आभाव में किसी काम के नहीं रह गये हैं, जिसके चलते अपराधी अपराध करके बेखौफ बचकर निकल जाते हैं। करीब 8-9 वर्ष पूर्व स्थानीय व्यवसायियों व जनप्रतिनिधियों के जनसहयोग से पटेल मैदान गोलंबर, मोहनपुर रोड, गोला रोड, स्टेशन रोड, मारवाड़ी बाजार, बहादुरपुर, मालगोदाम चौक, बहादुरपुर, काशीपुर, समेत कुल 63 स्थानों पर सीसीटीबी कैमरा लगाया गया था। इसके अलावे होर्डिंग बोर्ड पर प्रचार एजेंसी द्वारा 32 कैमरे लगाए गए थे। इसके लिये बेगूसराय की एक कंपनी को कैमरा लगाने का दायित्व दिया गया था।
कैमरा इंस्टाॅल करने के बाद इसका मेनटेनेंस भी कंपनी को ही करना था। लेकिन जब कैमरे खराब होने लगे तो उसके मेंटेनेंस को लेकर शिकायत दर्ज की गई। लेकिन कंपनी ने पहले अपने ढाई लाख रुपए बकाया राशि भुगतान करने फिर मेंटनेंस करने की बात कही। पैसा भुगतान नहीं होने के कारण एक-एककर सभी कैमरे खराब हो गये। जो कैमरे बचे भी थे वह अग्निवीर के आंदोलन में क्षतिग्रस्त हो गये।
राजधानी पटना की तर्ज पर समस्तीपुर जिले में भी सीसीटीवी कैमरे से यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नजर रखने के लिये कैमरे लगाए जाने थे, ताकी हेलमेट नहीं पहनने वालों एवं अन्य यातायात के नियमों का उल्लंघन करने वालों की पहचान हो सके और ऑटोमेटिक चालान कट सके। इसे एक अप्रैल 2025 से पहले ही लगाया जाना था लेकिन विभागीय सुस्ती के कारण अब तक शहर में एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित कैमरा नहीं लगाया जा सका है। इस संबंध में ट्रैफिक थानाध्यक्ष सुनील कांत ने बताया की अब तक एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित कैमरा लगाने का निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है। मुख्यालय स्तर से दिशा-निर्देश मिलने और कैमरा उपलब्ध कराने पर इंस्टाल कराया जाएगा।
पिछले दिनों जनप्रतिनिधियों व आम लोगों के साथ हुए बैठक में नगर निगम को शहर भर में चिन्हित स्थानों पर सीसीटीवी कैमरा लगाने को लेकर कहा गया था, इस पर काम चल रहा है। आने वाले दिनों में शहर भर में सीसीटीवी कैमरे से निगरानी हो सकेगी।
दिलीप कुमार, सदर एसडीओ, समस्तीपुर
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