Samastipur

समस्तीपुर में तापमान 40 डिग्री के पार, डीएम से स्कूलों का समय बदलने की मांग

यहां क्लिक कर हमसे व्हाट्सएप पर जुड़े

समस्तीपुर :- समस्तीपुर जिले में भीषण गर्मी का सिलसिला जारी है। गर्मी से लोगों का जीना मुहाल हो गया है। दिन के समय तेज धूप के कारण लोग अपने घरों पर कैद होने पर मजबूर हो गये हैं। इस भीषण गर्मी के कारण स्कूली बच्चों को बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शिक्षक संगठनों, छात्र संगठनों व अभिभावकों ने डीएम व डीईओ से सभी स्तर के स्कूलों के संचालन में बदलाव करने की मांग की है।

बिहार पंचायत नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सह कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र राय, कुमार अनुज, बिहार पंचायत नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ (मूल) के प्रदेश सचिव,बिहार-सह-समस्तीपुर जिलाध्यक्ष कुमार रजनीश ने जिले में दोपहर के समय बढ़ रहे तापमान एवं भीषण गर्मी के कारण छात्रों के स्वास्थ्य और जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना को देखते हुए जिला पदाधिकारी व डीओ से छात्रहित में विद्यालयों में शैक्षणिक कार्य की समय परिवर्तन करने के लिए आदेश पत्र निर्गत करने की मांग की है।

जिले में मौसम बदलाव के कारण काफी तापमान की स्थिति बन गई है। जिससे विद्यालय में छात्रों को भीषण गर्मी एवं तापमान रहने के कारण काफी परेशानी उठाना पड़ा। इधर, मौसम विभाग के पूर्वानुमान अनुसार बढ़ती तापमान को लगातार कई दिनों तक इसी प्रकार की स्थिति बने रहने की संभावना है। इधर, अभिभावकों ने बताया कि दोपहर 12 बजे के बाद से ही बच्चे अत्यधिक गर्मी के कारण विचलित महसूस करते हैं व शिक्षण कार्य सुचारू रूप से नहीं हो पाता है।

दोपहर 12:30 बजे बच्चों की छुट्टी के समय भी अत्यधिक गर्मी व हीटवेव का प्रकोप पहता है। मई-जून में पड़ने वाली गर्मी अप्रैल में ही शुरू हो गई है। छोटे-छोटे विद्यार्थी खुलकर तो कुछ नहीं बोल पाते, लेकिन जिला प्रशासन को तो मानवीय आधार पर अब संवेदनशील होना पड़ेगा। बच्चों को गर्मी से बचाने के लिए माता-पिता अपनाएं ये तरीके चिकित्सक डा. सुषमा शिखा ने बताया कि बच्चों में गर्मी के दौरान पानी की कमी, हीटस्ट्रोक, डायरिया या थकावट जैसी समस्याएं हो सकती हैं जो उन्हें चिड़चिड़ा भी बना देती है।

ऐसे में माता-पिता को घबराना नहीं चाहिए और अपने बच्चों की पूरी तरह देखभाल करनी चाहिए। बच्चे को ढीले-ढाले, सूती कपड़े से बने हल्के कपड़े पहनाएं, जो पसीने को सोख लेता है। जब आपके बच्चों की बात हो तो कपड़े की परतों का उपयोग करने से बचें। ओवरहीटिंग अचानक शिशु मृत्यु सिंड्रोम (एसआइडीएस) से जुड़ा है। बच्चे का कमरा बहुत गर्म या बहुत ठंडा नहीं होना चाहिए।

यदि आप एसी चलाते हैं तो बच्चे को नहलाने के तुरंत बाद उस कमरे में न ले जाएं क्योंकि उन्हें सर्दी लग सकती है। बच्चा सुबह 11:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक बाहर न निकलें क्योंकि उस समय तापमान बेहद गर्म होता है। अगर आपको बच्चों को घर से बाहर ले जाना है तो उन्हें टोपी पहनाएं। गर्म मौसम में पसीने के कारण बच्चे में पानी की कमी हो जाएगी। इसके साइन बेचैनी और तेजी से सांस लेना हैं।

इसलिए, 6 महीने से कम उम्र के बच्चों को बार-बार स्तनपान कराना चाहिए और छोटे बच्चों को पर्याप्त पानी और अन्य हाइड्रेशन वाली चीजें जैसे छाछ, नींबू पानी या नारियल पानी पिलाएं। बच्चों को स्वस्थ खाना दें। जंक, प्रोसेस्ड, ऑयली और डिब्बाबंद खाने से बचने की कोशिश करें। आइसक्रीम या कोल्ड ड्रिंक देते समय सावधान रहें क्योंकि ये सर्दी और खांसी को आमंत्रित कर सकते हैं।

Avinash Roy

Recent Posts

नहीं भागेंगे, फोड़ देगा गाड़ी को, प्रणाम किए चल दिए… नीतीश से मिलकर अनंत सिंह गजब बोले

नहीं भागेंगे, हा हा स्थिर से, सब फोड़ देगा गाड़ियो हम्मर, प्रणाम किए और चल…

1 घंटा ago

समस्तीपुर में हजारों लाभुकों की पेंशन बंद होने का खतरा, प्रशासन ने दी अंतिम चेतावनी

समस्तीपुर : सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं से जुड़े लाभुकों के लिए यह खबर बेहद अहम…

3 घंटे ago

मैट्रिक की परीक्षा में सायना प्रवीण ने लहराया परचम, बिहार में आठवां स्थान पाकर बढ़ाया दलसिंहसराय का मान

समस्तीपुर/दलसिंहसराय : बिहार बोर्ड द्वारा मैट्रिक परीक्षा का परिणाम जारी होते ही क्षेत्र में खुशी…

5 घंटे ago

समस्तीपुर : ट्रक ड्राइवर की बेटी ने मैट्रिक की परीक्षा में लाया छठा स्थान, IAS बनना चाहती है मौसम

समस्तीपुर/विद्यापतिनगर : समस्तीपुर जिले के विद्यापतिनगर प्रखंड के आदर्श राजकीय उच्च विद्यालय कांचा की छात्रा…

6 घंटे ago

समस्तीपुर : मैट्रिक परीक्षा के रिजल्ट में होटल चलाने वाले की बेटी ज्योति ने बिहार भर में चौथा स्थान लाया

समस्तीपुर : बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा जारी मैट्रिक परीक्षा परिणाम में समस्तीपुर जिले की…

9 घंटे ago