समस्तीपुर: अप्रैल के शुरुआत में ही झुलसा रही धूप के बीच पेयजल की हुई संकट

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समस्तीपुर :- गर्मी की प्रचंडता धीरे-धीरे बढ़ रही है। जिले में अधिकतम तापमान 35 से 36 डिग्री सेल्सियस को पास पहुंच गया है। झुलसा रही धूप के बीच पेयजल संकट से लोग दो चार हो रहे हैं। बादलों के रुठने और तालाब व नदियों में पानी नहीं आने से जलस्तर में जारी तेजी से गिरावट हो रहा है। स्थिति यह है कि कई इलाकों में जलस्तर 21 फीट के पास पहुंच गया है।
इस कारण से जिले के कई जगहों पर पानी की समस्या उत्पन्न हो गई है। शहर से लेकर ग्रामीण इलाके में बहुत जगहों पर 100 फीट गहराई तक लगे हैंडपंपों के हलक सूख गए हैं। वहीं पेयजल योजनाएं भी प्यास बुझाने में नाकाफी साबित हो रही हैं। पीएचईडी विभाग की ओर से जल स्तर का नमूना संग्रह किया गया है। इसमें ऑवरऑल जिले का जलस्तर 21 फीट दर्ज किया गया है।

यही कारण है कि ग्रामीण इलाकों में अधिकांश सादा चापाकल पानी देना बंद कर दिया है। लोगों की निर्भरता पीएचईडी के द्वारा लगाए गए इंडिया मार्क 3 चापाकल पर बढ़ती जा रही है। गांवों में समर्सिबल मोटर या नल का जल योजना के तहत गाड़े गए बोरिंग से ही लोगों की प्यास बुझ रही है।
ज्यादा परेशानी उन गांव में हो रही है जहां इंडिया मार्क 3 चापाकलो की संख्या कम है और नल के जल की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। जिले के विभिन्न प्रखंडों में अब भी करीब 321 टोले ऐसे हैं जहां मुख्यमंत्री निश्चय योजना के तहत नल का जल उपलब्ध नहीं है। या किसी कारण से लोगों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। जिले में सरकारी व निजी तालाब मिलकार करीब 3520 तालाब हैं। इन तलाबों से भी पानी काफी कम हो चुका है।






