म्यांमार में फ्रॉड के शिकार समस्तीपुर के 2 समेत बिहार के 10 इंजीनियरों की वतन वापसी; सड़क मार्ग से पहुंचेंगे पटना, देखें लिस्ट

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म्यांमार से रिहा हुए भारत के 287 इजीनियरों में 10 बिहार के हैं। इनमें से दो इंजीनियर समस्तीपुर जिले के भी शामिल हैं। सभी इंजीनियरों को भारत सरकार ने दिल्ली स्थित बिहार के स्थानिक आयुक्त कार्यालय को सौंप दिया है। मंगलवार की शाम को नई दिल्ली से सड़क मार्ग से इन्हें पुलिस अभिरक्षा में पटना के लिए रवाना किया गया। मिली जानकारी के मुताबिक भारत सरकार की ओर से इन सभी इंजीनियरों को दिल्ली स्थित स्थानिक आयुक्त कार्यालय को सौंपने के बाद इन्हें बिहार सदन में ठहराया गया।
स्थानिक आयुक्त कार्यालय में बिहार पुलिस की पहले से एक स्थैतिक टीम मौजूद थी। वहीं, डीएसपी के नेतृत्व में बिहार पुलिस की एक 15 सदस्यीय टीम भी दिल्ली पहुंची। इन इंजीनियरों को पटना लाने के लिए एक विशेष वाहन का इंतजाम किया गया। इनके साथ पांच पुलिसकर्मियों को भी रवाना किया गया है।

गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने बताया कि म्यांमार से वापस हुए बिहार के इंजीनियरों को लाने को लेकर दिल्ली स्थित स्थानिक आयुक्त को समन्वय की जिम्मेदारी दी गई है। मालूम हो कि, म्यांमार से रिहा हुए भारतीय इंजीनियरों में 39 उत्तरप्रदेश, 10 बिहार तथा शेष अन्य राज्यों के हैं। इन इंजीनियरों को संबंधित प्रदेशों की राजधानी भेजा जा रहा है।

नौकरी के बहकावे में पहुंचे थे म्यांमार :
जानकारी के अनुसार नौकरी के बहकावे में ये इंजीनियर म्यांमार पहुंचे थे। भारत सरकार के विदेश मंत्रालय की पहल के बाद इन्हें वहां से निकालकर थाईलैंड एयरपोर्ट के रास्ते दिल्ली लाया गया। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इन इंजीनियरों को डिजिटल सेल्स और मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव की नौकरी देने के लिए लालच दिया गया था। ये नौकरी फर्जी साबित हुए और इन्हें अवैध रूप से सीमा पार कराकर म्यांमार ले जाया गया था। विदेश मंत्रालय म्यांमार सहित दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों में फर्जी तरीके से नौकरी देने के रैकेट में फंसे लोगों की वापसी के लिए लगातार कार्रवाई कर रहा है।
म्यांमार से लौटेे इंजीनियरों की लिस्ट :






