Samastipur

समस्तीपुर में ईंट-भट्ठों के संचालन में GST नियमों की बड़े पैमाने पर अनदेखी, सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व की हानि

समस्तीपुर : समस्तीपुर जिले में ईंट-भट्ठों के संचालन में जीएसटी नियमों की बड़े पैमाने पर अनदेखी हो रही है, जिससे सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व की हानि हो रही है। खनन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जिले में कुल 214 ईंट भट्ठे संचालित हो रहे हैं। इनमें से 170 ईंट भट्ठा संचालकों ने जीएसटी का निबंधन कराया है, जबकि 44 ईंट भट्ठे बिना किसी निबंधन के ही चल रहे हैं, जिससे सरकार को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

विभिन्न सरकारी विभागों ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान 1.30 करोड़ रुपये का भुगतान 15 ऐसे ईंट भट्ठा संचालकों को किया है, जिनका जीएसटी निबंधन निष्क्रिय है। इसका सीधा असर यह हुआ कि सरकार को 17 लाख रुपये के जीएसटी राजस्व की हानि हुई। सरकारी विभागों ने 12 ऐसे ईंट भट्ठा संचालकों को 5.39 करोड़ रुपये का भुगतान किया, जिन्होंने अब तक 64 लाख रुपये का जीएसटी भुगतान नहीं किया है। इसके बावजूद इन्हें भुगतान जारी किया गया, जिससे सरकारी राजस्व को बड़ा नुकसान हुआ है।

जिले में 44 ईंट भट्ठे बिना किसी जीएसटी निबंधन के ही संचालित हो रहे हैं।इन भट्ठों के संचालन से सरकार को अब तक 1 करोड़ रुपये से अधिक के जीएसटी राजस्व की हानि हो चुकी है। यह कर चोरी सरकार के लिए एक गंभीर समस्या बन चुकी है। इस पूरे मामले में प्रशासनिक लापरवाही भी देखने को मिल रही है। कई सरकारी विभाग ऐसे भट्ठा संचालकों को भुगतान कर रहे हैं, जिनका जीएसटी निबंधन निष्क्रिय है या जिन्होंने अपना जीएसटी भुगतान नहीं किया है। ईंट भट्ठों के संचालन में जीएसटी नियमों की अनदेखी से सरकार को हर साल करोड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ता है। अगर जल्द ही इस पर सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो यह स्थिति और गंभीर हो सकती है। प्रशासन को चाहिए कि वह न केवल जीएसटी निबंधन सुनिश्चित करे, बल्कि बकाया जीएसटी वसूली की प्रक्रिया भी तेज करे, ताकि सरकारी राजस्व में हो रही हानि को रोका जा सके। वाणिज्यिक कर विभाग नियमित रूप से कर भुगतान के लिए विभाग के द्वारा जीएसटी उपभोक्ता को नोटिस किया जाता है। वित्त वर्ष लक्ष्य से अधिक राशि का राजस्व प्राप्त किया जाएगा।

विभाग के उप आयुक्त आयुक्त अमित कुमार और सहायक आयुक्त दिव्या प्रकाश के नेतृत्व में टीम ईंट भट्ठों का निरीक्षण कर रही है। साथ ही संचालकों को भुगतान करने के लिए निर्देशित किया गया है। समस्तीपुर अंचल के राज्य कर सयुक्त आयुक्त कृष्ण मोहन सिंह के साथ एक औपचारिक बैठक में उन्होंने जिले के संचालकों से यथाशीघ्र 25 मार्च तक अधिक से अधिक टैक्स जमा करने का आग्रह किया है। साथ ही कुछ ऐसे चिमनी संचालक भी हैं जिनके द्वारा अभी तक कुछ भी टैक्स जमा नहीं किया गया है। वैसे संचालकों का जीएसटी रद्द कर ब्लैक लिस्टेड किया जा सकता है।

Avinash Roy

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