समस्तीपुर : डीएमसीएच में मेडिकल में पीजी कर रहे 12 छात्रों को तीन माह के लिए डिस्ट्रिक रेसिडेंसी प्रोग्राम के तहत सदर अस्पताल भेजा गया है जिससे सदर अस्पताल में फिलहाल डॉक्टरों की कमी दूर है। मरीजों का इलाज भी अब पहले से अधिक बेहतर ढंग से हो रहा है। यह मेडिकल छात्र जिला स्वास्थ्य प्रणाली का अनुभव प्रदान कर रहे है। जहां सेवा प्राप्त करते हुए ज्ञानार्जन, जिला अस्पतालों में उपलब्ध आवश्यक संसाधन व स्वास्थ्य सेवाओं में शामिल होने के साथ राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों से अवगत होंगे।
सभी डॉक्टर अगले तीन माह तक सदर अस्पताल में सेवा देंगे। इससे यहां तत्काल डॉक्टरों की कमी भी दूर हो गयी है। इसके लिये डॉ. मेराज को नोडल बनाया गया है। बता दें कि नेशनल मेडिकल कमिशन के निर्देशानुसार मेडिकल पीजी के छात्रों को संबद्ध जिला अस्पतालों में जिला रेजिडेंसी कार्यक्रम (डीआरपी) के तहत तीन महीने के लिए सेवा देना अनिवार्य है।
इस संबंध में सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. गिरीश कुमार ने बताया कि डीआरपी कार्यक्रम से जिला अस्पतालों की स्वास्थ्य व्यवस्था बेहतर होती है व उसमें सुधार होता है। डीआरपी कार्यक्रम से जहां डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे जिला अस्पतालों को संजीवनी मिलती है। वहीं इसका सीधा लाभ अस्पतालों में इलाज कराने आने वाले मरीजों को मिलता है। फिलहाल 12 डॉक्टरों की टीम डीआरपी के तहत सदर अस्पताल में है।
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