समस्तीपुर जिले के विभिन्न थानों में कबाड़ बनकर सड़ रहे जब्त किए गए 5 हजार से अधिक वाहन

यहां क्लिक कर हमसे व्हाट्सएप पर जुड़े
समस्तीपुर : समस्तीपुर जिले के विभिन्न थानों में वर्षों से जब्त वाहन सड़ रहे हैं। इनमें बाइक, तीनपहिया, चारपहिया समेत अन्य वाहन शामिल हैं, जिनकी संख्या लगभग पांच हजार से ऊपर पहुंच चुकी है। ये वाहन थानों के परिसरों में पड़े-पड़े कबाड़ में तब्दील हो रहे हैं। कुछ वाहन हाल के वर्षों में जब्त किए गए हैं, जबकि कई वाहन सालों से थाना परिसरों में पड़े हुए हैं।
बताया जाता है कि ये वाहन सड़क दुर्घटनाओं, अवैध गतिविधियों और लावारिस हालात में जब्त किए गए हैं। इनकी बढ़ती संख्या के कारण थानों में जगह की भारी किल्लत हो गई है। कई थाने तो ऐसे हैं, जिनके पास खुद की पर्याप्त जगह नहीं है, जिससे जब्त वाहनों को रखने की समस्या और गंभीर हो जाती है। स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि कई स्थानों पर वाहनों को गड्ढों में एक के ऊपर एक रख दिया गया है। इसके चलते इनके उचित रखरखाव का भी अभाव है।

लंबे समय तक बिना देखरेख के पड़े रहने के कारण इन वाहनों पर जंग लग चुका है, जिससे वे अब कबाड़ के रूप में भी बेचने लायक नहीं बचे हैं। वहीं, कई थानों में अभी तक मालखाना का पूरा प्रभार थानाध्यक्षों को नहीं सौंपा गया है, जिसके कारण जब्त वाहनों की सही संख्या को लेकर भी कोई स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है। इस लचर व्यवस्था के कारण न केवल थानों की जगह की समस्या बढ़ रही है, बल्कि कीमती सरकारी संपत्ति भी व्यर्थ जा रही है।

नियमानुसार थानों में जब्त लावारिश या अन्य प्रकार के वाहनों को तबतक नहीं नीलाम नहीं किया जा सकता है, जब तक इसका मामला कोर्ट से जुड़ा हुआ है। क्योंकि, वाहन को जब्त करने के साथ पुलिस इसे रिकॉर्ड में रखती है और कोर्ट को भी जानकारी दी जाती है। ऐसे में कोर्ट में लंबित मामलों से जुड़े वाहनों की नीलामी या वाहन छोड़ने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाती है। जिसके कारण थानों में पड़े जब्त वाहन कबाड़ बनकर रह गया है। हालांकि शराब मामले में जब्त वाहनों की समय-समय पर नीलामी की प्रक्रिया पूरी की जाती है। लेकिन, अन्य मामलों में जब्त हजारों वाहन बेकार जा रहा है।

बाइट :
इस समस्या को देखा जा रहा है। मालखाना प्रभार लिया जा रहा है। ऑनलाइन डिजिटल मालखाना की अभी व्यवस्था नहीं है, मिले निर्देश के आधार पर कार्य होगा। कोर्ट की प्रक्रिया का अनुपालन कर व निर्देश के आधार पर जब्त वाहनों के मामलों का निष्पादन किया जाएगा।
– अशोक मिश्रा, एसपी, समस्तीपुर




