जन्म से ही अंधे समस्तीपुर के भुल्लू सहनी को CM नीतीश ने किया सम्मानित, अब तक कई डूबते लोगों को बचा चुके हैं

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समस्तीपुर/पटोरी : जन्म से ही अंधे, पटोरी प्रखंड के दुमदुमा गांव निवासी भुल्लू सहनी को बिहार पुलिस सप्ताह कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रशस्ति पत्र और 10 हजार रुपए नगद राशि देकर सम्मानित किया है। भुल्लू सहनी को उनके समर्पण सेवा को देखते हुए यह सम्मान दिया गया है। यहां बता दें कि भुल्लू सहनी जन्मजात सूरदास है, लेकिन जब यह पानी के अंदर डुबकी लगाते हैं तो अंदर इन्हें सब कुछ दिखाने लगता है।
इसी गुण के कारण यह पानी के अंदर डूबे हुए लोगों का शव बाहर निकाल लेते हैं, डूब रहे लोगों को बचा भी लेते हैं। वह जन्म से सूरदास हैं, सामने बैठे लोगों को देख नहीं पाते, लेकिन पानी में डुबकी लगाते ही सब कुछ साफ दिखने लगता है। इसी शक्ति कारण अब तक वह नदी और तालाब में दुबे 13 लोगों की जिंदगी बचा चुके हैं जबकि नदी और तालाब के अंदर से 14 लोगों शव बाहर निकल चुके हैं।

भूल्लू सहनी बाया नदी के तट पर रहते हैं। उनका परिवार भी इसी तट पर युगो से रह रहे हैं। जिस कारण नदी और तालाब में तैरना इनके लिए सड़क पर चलने के समान है। धरती पर उनके सामने अगर कोई व्यक्ति आता है तो इन्हें लगता है कि कोई छाया है। लेकिन जब यह पानी के नीचे उतरते हैं तो ऐनक के सामान सारा चीज इन्हें दिखने लगता है यही वजह है कि वह पानी के अंदर डुबे लोगों को खोज कर निकाल लेते हैं।

भूल्लू झाल-मुड़ी बेचकर अपना जीवन यापन करते हैं। उनके परिवार में माता-पिता के अलावा भाई, भाभी है। इनकी भी शादी हुई थी, लेकिन कुछ दिनों बाद पत्नी छोड़ कर इन्हें चली गई। कहीं कोई डूबता है तो लोग मुझे बुलाने आते हैं। मैं उनके साथ बाइक से जाता हूं और उनकी मदद करता हूं। इसके लिए लोग अपने इच्छा जो होता है मुझे दे देते हैं। मेरी सरकार से मांग है कि मुझे इसके लिए पैसे मिलने चाहिए।
बांसुरी बजाने के हैं शौकीन :
भूल्लू बांसुरी बजाने के भी शौकीन है फुर्सत और खाली समय में यह बांसुरी बजाकर अपने मन को भुलाते हैं। वह बताते हैं कि बांसुरी की तान सुनने के लिए भी लोग उनकी ओर उनकी ओर आकर्षित होते हैं। झाल-मुड़ी बेचने के दौरान लोगों को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए चौक चौराहों पर बांसुरी भी बजाते हैं।





