BPSC 70th CCE प्री परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर समस्तीपुर में आइसा-आरवाईए का विरोध प्रदर्शन

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समस्तीपुर :- बीपीएससी अभ्यर्थियों पर बर्बरता पूर्वक लाठी चार्ज, प्री परीक्षा रद्द कर नई तिथि की घोषणा सहित मृतक बीपीएससी अभ्यर्थी सोनू कुमार के परिजनों को मुआवजा दिलाने के मांग को लेकर शनिवार को शहर के पटेल मैदान गोलंबर से ओवरब्रिज जननायक कर्पूरी ठाकुर के स्मारक तक आइसा-आरवाईए द्वारा संयुक्त रूप से राज्यव्यापी प्रतिवाद दिवस के तहत विरोध प्रदर्शन कर सभा का आयोजन किया गया।
सभा को संबोधित करते हुए आरवाईए जिला सचिव रौशन कुमार ने कहा कि जब पूरे देश और दुनिया में क्रिसमस का जश्न मनाया जा रहा था तब बिहार में भाजपा-जदयू की डबल इंजन सरकार बिहार के छात्र नौजवानों पर लाठियां बरसा रही थी। ये स्टूडेंट्स पटना के गर्दनीबाग में BPSC की 70th CCE प्री परीक्षा में हुए पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे।

ठीक इसी दिन डबल इंजन सरकार की भ्रष्ट नीतियों ने पटना के पालीगंज के एक छात्र की जान ले ली। 25 साल का युवा सोनू कुमार, एक BPSC अभ्यर्थी था जो सत्ता जनित अवसाद का शिकार होकर आत्महत्या कर लिया। नीतीश- मोदी की सरकार जो बिहार में सुशासन के बड़े-बड़े दावे करती है, वो नाकामी और तानाशाही की सारी सीमाओं को पार करती जा रही है। आज बिहार में सरकार एक परीक्षा सुचारु रूप से करा पाने में समर्थ नहीं है। वहीं अपनी मांगों को लोकतांत्रिक ढंग से रखने वाले युवाओं को आये दिन बर्बर पुलिसिया दमन का शिकार बनाया जा रहा है। अभी इसी महीने BPSC की इसी परीक्षा में नॉर्मलाइजेशन का विरोध कर रहे छात्र-युवाओं पर लाठीचार्ज किया गया था।

आइसा जिला सचिव सुनील कुमार ने कहा की बिहार इस वक्त शिक्षा और परीक्षा माफियाओं के गिरफ्त में है। समय पर डिग्री न मिलना, कॉलेज में शिक्षक न होना, परीक्षा में धांधली, पैसे पर बिकती नौकरी और डिग्री बिहार में आम चलन बनता जा रहा है। नीतीश कुमार की सरकार शिक्षा रोजगार या कोई भी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करा पाने में विफल साबित हुई है। सरकार इन माफियाओं पर लगाम लगाने और शिक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने की बजाय युवाओं पर लाठियां चलवा रही है।

आइसा जिला अध्यक्ष लोकेश राज ने कहा कि आइसा और आरवाईए छात्र- युवाओं के इस आंदोलन के साथ खड़ा है। हम बिहार सरकार की इस हिंसात्मक कार्रवाई का कड़ी शब्दों में निंदा करते हैं। आगे उन्होंने कहा कि बीपीएससी आयोग परीक्षा का नई तिथि को घोषणा करें अन्यथा आइसा-आरवाईए 30 दिसंबर को होगा बिहार का चक्का जाम करेगा।
आइसा राज्य सह-सचिव मनीषा कुमारी ने कहा कि बेहतर शिक्षा और पारदर्शी व्यवस्था हर नागरिक का अधिकार है और इसे सुनिश्चित कराना सरकार की जिम्मेवारी है। सोनू कुमार की आत्महत्या, बिहार की डबल इंजन सरकार पर धब्बा है। यह एक सांस्थानिक हत्या है। हम सोनू के परिवार के साथ अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं। साथ ही सरकार से यह माँग करते हैं कि सोनू के परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए। वहीं आंदोलनरत छात्र युवाओं पर लाठी चलाने वाले पुलिस अधिकारियों को बर्खास्त किया जाए।

प्रदर्शन के दौरान सभा कि अध्यक्षता आइसा जिला अध्यक्ष लोकेश राज व संचालन आरवाईए जिला कार्यालय सचिव राहुल राय ने किया। इस सभा में आरवाईए नेता राहुल राय, नवीन कुमार, रंजीत कुमार, तनंजय प्रकाश, गौरव कुमार, मंटू यादव, आइसा नेता गौतम सैनी, धीरज कुमार, संजीव कुमार गोलू, मो. तौसीफ, मनीष कुमार, अनिल कुमार, विवेक कुमार सिंह, मोनू कुमार, सोनू कुमार, नवनीत कुमार, आयुष कुमार, गौरव कुमार, मो.अफरोज रॉयल, द्रक्षा जबीं, राहुल कुमार, बबलू कुमार, शुभम कुमार सहित दर्जनों छात्र-नौजवान उपस्थित थे।


