समस्तीपुर/सरायरंजन :- मात्र 20 पहले सरायरंजन थाने की कमान संभालने वाली सिंम्पी कुमारी पर गाज गिर गई है। निर्दोष युवक को थाने की हाजत में बंद कर निर्ममता पूर्वक पीटने पर एसपी ने उन्हें लाइन क्लोज कर दिया है। वह मात्र 20 दिन पहले ही सरायरंजन की थानेदार बनी थी। इससे पहले रविकांत कुमार थानाध्यक्ष थे। जिनपर थाने में निजी स्तर पर डाटा एंट्री ऑपरेटर रखने का आरोप सही साबित होने पर एसपी विनय तिवारी ने उन्हें निलंबित कर दिया था। रविकांत के निलंबन के बाद वहां की कमान सिंम्पी कुमारी को दी गई थी। वह पहले से भी सरायरंजन थाने में ही अपर थानाध्यक्ष के पद पर पोस्टेड थी।
बताते चलें कि बीते सोमवार को सरायरंजन थाने की पुलिस ने शक के आधार पर रायपुर पंचायत के बरुणा रसलपुर निवासी राकेश शर्मा की थाने में जमकर निर्ममता पूर्वक पिटाई कर दी थी, जिससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया। जिसके बाद स्थानीय ग्रामीणों में पुलिस के प्रति रोष व्याप्त था। पीड़ित युवक के नाजुक अंग के आसपास काफी चोटें आयी हैं।मामले को लेकर पीड़ित व उसके परिजनों ने तीन दिनों पहले इसकी लिखित शिकायत एसपी विनय तिवारी से भी करते हुए न्याय की मांग की थी। हालांकि उस दिन परिजनों की मुलाकात एसपी से हो नहीं सकी थी, वह हाईकोर्ट निकले हुए थे तो परिजनों ने ट्रैफिक डीएसपी आशीष राज को आवेदन सौंपा था। समस्तीपुर पहुंचने पर एसपी ने पूरा मामला समझ जांच का जिम्मा सदर एसडीपीओ सह एएसपी संजय पांडेय को सौंप दिया।
इसके आलोक में शुक्रवार को एएसपी पीड़ित के घर पहुंच मामले की जांच व पीड़ित युवक से पूछताछ की थी। उन्होंने पीड़ित व्यक्ति से समस्तीपुर पुलिस की पूरी टीम की तरफ से माफी मांगते हुए दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की बात कही थी। समस्तीपुर पहुंचते ही उन्होंने एसपी को जांच रिपोर्ट सौंपी। जिसके बाद एसपी ने थानाध्यक्ष की भूमिका को गलत पाते हुए उन्हे तत्काल थानाध्यक्ष के पद से हटाकर लाइन हाजिर कर दिया है। बता दें कि सरायरंजन पुलिस द्वारा युवक की पिटाई का फोटो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा था। लोग सरायरंजन पुलिस द्वारा युवक को निर्ममता पूर्वक पीटने पर आक्रोश भी जाहिर कर रहे थे। लोग एसपी से बार-बार थानाध्यक्ष पर कार्रवाई की मांग भी सोशल मीडिया पर कर रहे थे।
बताते चलें की सोमवार की शाम बदमाशों ने एक राहगीर से लाखों रुपये का आभूषण लूट लिया था। इस मामले में शक के आधार पर राकेश शर्मा को पूछताछ के लिए पुलिस थाना पर ले गयी थी। बताया गया है कि हाजत में पुलिस ने उसकी निर्ममताापूर्वक पिटाई की। हालांकि उसके खिलाफ सबूत ना मिलने और मोबाईल लोकेशन उस एरिया में ना होने पर उसे छोड़ दिया गया था। ग्रामीणों का बताना है कि युवक निर्दोष था उसके बावजूद पुलिस उसे पकड़ कर थाना पर ले गयी और अमानवीय तरीके से उसकी पिटाई की। इस तरह की पिटाई पुलिस किसी दुर्दांत अपराधी के साथ भी नहीं करती है। उसके नाजुक अंगो के आसपास काफी चोटें आई है। डॉक्टर के अनुसार अगले 6 महीने तक पीड़ित युवक को बाथरूम जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
निर्दोष व्यक्ति को इस तरह निर्ममता पूर्वक पीटना बिल्कुल गलत है, इसे बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। समस्तीपुर पुलिस पब्लिक फ्रेंड की तर्ज पर कार्य करने को लेकर अग्रसर है। उक्त युवक के खिलाफ पहले से भी कोई अपराधिक मामले दर्ज नहीं थे बाबजूद उसके साथ पुलिस इस तरह पेश आयी यह काफी खेदजनक है। हमने मामले की जांच कराई है, जांच के आधार पर थानाध्यक्ष को लाइन क्लोज कर दिया गया है। जल्द ही सरायरंजन में नये थानाध्यक्ष की पोस्टिंग कर दी जाएगी।
विनय तिवारी,
पुलिस अधीक्षक, समस्तीपुर
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